बाढ़ के पानी में किसी छात्र की वर्दी तो किसी की किताबें और बैग ही बह गया। स्कूल खुलने के बाद अभिभावक शिक्षकों को फोन पर जानकारी दे रहे हैं। स्कूल खुले हुए तीन दिन हो गए हैं। मगर टांगरी नदी के साथ की कॉलोनियों में रहने वाले अधिकतर छात्रों की किताबें, स्कूल बैग व वर्दी या तो पानी में खराब हो गई।
हरियाणा के अंबाला में बाढ़ के 13 दिन बाद भी लोगों को राहत की सांस नहीं मिल रही है। जिले में स्कूल खुले हुए तीन दिन हो गए हैं। अधिकतर क्षेत्रों से विद्यार्थी स्कूल जाते दिखाई दे रहे हैं, मगर टांगरी नदी के साथ की कॉलोनियों में रहने वाले अधिकतर छात्रों की किताबें, स्कूल बैग व वर्दी या तो पानी में खराब हो गई या बाढ़ में बह गई। अभिभावक शिक्षकों को सूचना देते देते थक गए हैं। ऐसे में विद्यार्थी घर पर बैठे हैं।
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दोनों बच्चों के बैग बाढ़ में बह गए
विपिन ने बताया कि वह न्यू शिव कॉलोनी में दो साल से पति व दो बच्चों के साथ रह रही है। टांगरी में आई बाढ़ से घर में आठ फीट तक पानी जमा हो गया। बड़ी बेटी अश्नी चौथी कक्षा और छोटा बेटा दूसरी कक्षा में पढ़ता है। बाढ़ में दोनों बच्चों के बैग पानी में बह गए।
बाढ़ में अधिकतर सामान खराब
न्यू शिव कॉलोनी निवासी मोनिका ने बताया कि उसके दो बच्चे हैं। एक बेटी दूसरी कक्षा में पढ़ती है जबकि बेटा पहली कक्षा में है। घर में आई बाढ़ के कारण अधिकतर घर का सामान खराब हो गया था और दोनों बच्चों की किताबें तथा स्कूल की वर्दी पानी में बह गई।
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गर्दन तक पानी जमा हो गया
रोशन कुमार ने बताया कि उसकी तीन साल की बेटी रियांशी है जो एन मैरी स्कूल में पढ़ती है। टांगरी नदी में आई बाढ़ के कारण उसके घर में गर्दन तक पानी जमा हो गया। इस कारण घरेलू सामान खराब हो गया था। उसकी बेटी का स्कूल बैग तथा वर्दी की बाढ़ के पानी में बह गई।
बच्चाें की शिक्षा हो रही खराब
रेणू ने बताया कि उसके पास एक लड़का गोपाल छठी कक्षा में पढ़ाई करता है। वहीं दोनों बेटियां राधा तीसरी कक्षा व खुशी दूसरी कक्षा में हैं। यह तीनों बच्चे करधान स्थित सरकारी स्कूल में पढ़ाई करते हैं। बाढ़ के कारण इन बच्चों की किताबों के साथ-साथ वर्दी भी पानी में बह गई।