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Ambala News: असमंजस के बीच लटक रही अंबाला लोकसभा सीट

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अंबाला सिटी। अंबाला लोकसभा सीट पर इस बार हुए मतदान ने राजनैतिक दलों को हैरत में डाल दिया है। कोई भी ठीक से आंकलन नहीं कर पा रहा है कि जीत किसकी होगी। वर्ष 2019 में अंबाला सीट पर 72 प्रतिशत मतदान हुआ था जबकि इस बार 67.35 प्रतिशत ही मतदान हुआ।
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खास बात यह है कि इस बार कांग्रेसी नेताओं के चुनावी क्षेत्र में अच्छी वोटिंग हुई है। जबकि एक स्थान को छोड़कर भाजपा नेताओं के चुनावी क्षेत्र में पिछली बार से भी कम मतदान हुआ है। ऊपर से इस बार बहुत से स्थानों पर मतदाताओं की चुप्पी ने राजनीतिक दलों को हैरान कर दिया।
मतदान कम होने और कांग्रेसी नेताओं के चुनावी क्षेत्र में अच्छी वोटिंग भाजपा के सामने चुनौतियां खड़ी कर रही है। हालांकि इतनी ही चुनौतियां कांग्रेस के सामने भी हैं, क्योंकि शहरी वोटर कहीं भाजपा के खेमे में चला गया तो उनका भी मार्जन से जीतना मुश्किल कर देगा। ऐसे में मौजूदा हालात अंबाला लोकसभा सीट पर कांटे की टक्कर अभी भी दर्शा रहे हैं। अगर किसी एक की जीत भी हुई तो मार्जन काफी कम रह सकता है।
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कांग्रेसी विधायकों वाले क्षेत्र में अधिक मतदान

जो कांग्रेसी विधायकों के चुनावी क्षेत्र हैं उनमें से मुलाना में 69.6 प्रतिशत, नारायणगढ़ में 68.2 प्रतिशत, साढौरा विधानसभा में 74.2 प्रतिशत, कालका विधानसभा में 66.7 प्रतिशत मतदान किया गया है। इसमें मुलाना से खुद कांग्रेस प्रत्याशी वरुण चौधरी विधायक हैं। नारायणगढ़ में कांग्रेस विधायक शैली चौधरी विधायक हैं, साढ़ौरा में रेनू बाला विधायक हैं तो कालका विधानसभा में प्रदीप चौधरी विधायक हैं। इन क्षेत्रों में अगर वोटिंग प्रतिशत देखें ठीक नजर आता है।

भाजपा विधायकों के चुनावी क्षेत्रों की स्थिति

मतदान के आंकड़ों में भाजपा विधायकों के चुनावी क्षेत्र में उम्मीद के अनुसार मतदान प्रतिशत अधिक नहीं दिखा। सिर्फ एक जगाधरी में 73.7 प्रतिशत मतदान हुआ। जोकि मंत्री कंवरपाल गुर्जर का चुनावी क्षेत्र है। अंबाला सिटी विधानसभा क्षेत्र में 61.7 प्रतिशत मत प्रतिशत रहा। जहां से खुद परिवहन राज्यमंत्री असीम गोयल विधायक हैं। वहीं, अंबाला कैंट पूर्व गृहमंत्री अनिल विज का चुनावी क्षेत्र है। यहां पर 60.5 प्रतिशत मतदान हुआ। इसी प्रकार पंचकूला में भाजपा का चुनावी क्षेत्र है यहां पर 59.6 प्रतिशत तो यमुनानगर से घनश्याम दास विधायक हैं यहां पर 64.3 प्रतिशत मत प्रतिशत रहा।

वर्ष 2019 में सभी सीटों पर काबिज थी भाजपा

वर्ष 2019 के लोकसभा चुनाव की बात करें तो उस समय तक अंबाला लोकसभा की सभी नाै विधानसभाओं में भाजपा के विधायक थे। तब कालका में भाजपा से लतिका शर्मा विधायक थीं। उस समय कालका में 73.14 प्रतिशत मतदान हुआ। जबकि इस बार छह प्रतिशत कम मतदान हुआ था। इसी प्रकार पंचकूला से भाजपा विधायक ज्ञानचंद गुप्ता रहे, उस समय 65.48 प्रतिशत मतदान हुआ, उसकी तुलना में इस बार लगभग तीन प्रतिशत मतदान कम हुआ है। इसी प्रकार नारायणगढ़ में तब भाजपा से नायब सिंह सैनी विधायक थे तब 74.55 प्रतिशत मतदान हुआ और अब पिछली बार से छह प्रतिशत कम मतदान हुआ है। इसी प्रकार से अंबाला कैंट में अनिल विज विधायक थे। तब 64.15 प्रतिशत मतदान रहा था, जो कि इस बार महज .40 प्रतिशत ही कम हुआ है। वहीं अंबाला सिटी में पिछली बार भाजपा से असीम गोयल विधायक थे तब 63.92 प्रतिशत मतदान हुआ पिछली बार की तुलना में अब पांच प्रतिशत की कमी देखी गई है। मुलाना में भाजपा से विधायक संतोष सारवान थी, तब इस विधानसभा में 73.16 प्रतिशत मत पड़े थे। मगर इस बार 3 प्रतिशत कम मतदान हुआ है। इसी प्रकार साढौरा में तब भाजपा से विधायक बलवंत चौधरी थे, तब 79.25 प्रतिशत मत पड़े थे, जबकि इस बार 2 प्रतिशत कम मतदान हुआ है। वहीं जगाधरी में भाजपा से विधायक कंवरपाल गुर्जर थे तब 77.88 मतदान हुआ थी, इस बार 2 प्रतिशत कम मतदान हुआ है। वहीं यमुनानगर में वर्ष 2019 में भाजपा से घनश्याम दास अरोड़ा विधायक थे। तब 70.02 प्रतिशत मत मिले थे जबकि इस बार पांच प्रतिशत कम मतदान हुआ है।
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