अंबाला। अंबाला-जगाधरी राष्ट्रीय राजमार्ग पर भी दिल्ली-चंडीगढ़ राजमार्ग जैसा ही हाल है। यहां पर भी अवैध होर्डिंग्स राजमार्ग के दोनों तरफ लगे हैं। खास बात यह है कि सबसे अधिक होर्डिंग निजी प्रतिष्ठानों पर हैं। इन को हटाने के लिए अभी तक कोई बड़ी कार्रवाई नहीं देखी गई। खास बात यह है कि जब भी स्थानीय प्रशासन की ओर से अवैध होर्डिंग को हटाए जाने का अभियान चलता हैं तो छोटे-मोटे होर्डिंग हटा दिए जाते हैं। मगर जो होर्डिंग प्रतिष्ठानों पर बड़े-बड़े लोहे के एंगलों पर हैं, उन्हें कोई नहीं हटाता। गौरतलब है कि अब हाईकोर्ट में जब अवैध होर्डिंग के लिए मामला पहुंच गया है और जिला प्रशासन को पार्टी भी बनाया है। ऐसे में अब अफसरों से कार्रवाई की उम्मीद जगी है।
अंबाला-जगाधरी राष्ट्रीय राजमार्ग के हालात खराब
अंबाला-जगाधरी राष्ट्रीय राजमार्ग महेश नगर से अवैध होर्डिंग दिखने शुरू हो जाते हैं। यहां से टांगरी बांध के पास निजी भवनों पर बड़े लोहे के एंगलों पर विज्ञापन लगाए हैं। इसके आगे इंडस्ट्रियल एरिया, सोनिया कॉलोनी, छोटा खुड्डा में भी बड़े-बड़े होर्डिंग लगे दिखाई दिए। इसके साथ ही आगे जब ग्रामीण क्षेत्र की तरफ बढ़ते हैं तो यहां पर बड़े यूनिपोलों पर अवैध होर्डिंग लगाए हैं। राजमार्ग के दोनों तरफ यह स्थिति देखने को मिलते हैं। इसके साथ ही केपिटल चौक पर भी अवैध होर्डिंग लगे दिखे।
कैंट में सिर्फ 18 साइट्स स्वीकृत, शेष अवैध
अंबाला कैंट में नगर परिषद के अधिकारियों की मानें तो विज्ञापन के लिए 18 ही वैध साइट्स हैं। इसके अलावा लगे सभी अवैध हैं। कुछ लोगों ने तो यूनीपोल लगाकर इसको आय का जरिया बना लिया है। नियमानुसार नगर परिषद से विज्ञापन साइट बनाने के लिए अनुमति लेनी होती है। जिसमें विज्ञापन से आय का एक हिस्सा नगर परिषद को भी देना होता है। मगर कार्रवाई न होने से धड़ल्ले से यह व्यापार चल रहा है।
वर्जन
हम समय समय पर अवैध होर्डिंग को हटवाते रहे हैं। एक बार दोबारा से अभियान चलाकर इन होर्डिंग को हटवाया जाएगा।
-सतिंदर सिवाच, प्रशासक, नगर परिषद