किसान नेता बोले कि 22 अक्तूबर को प्रदेशभर में तहसीलों पर किसान प्रदर्शन कर ज्ञापन देंगे। किसान नेताओं ने कहा कि इन फरमान को किसान किसी भी कीमत पर नहीं मानेंगे।
सरकार द्वारा पराली जलाने पर दो साल तक किसान की फसल को एमएसपी पर न खरीदने को लेकर किसानों का विरोध शुरू हो गया है। अंबाला के मर्दों साहिब गुरुद्वारे में भारतीय किसान यूनियन शहीद भगत सिंह के पदाधिकारियों ने बैठक की और इस फैसले का विरोध किया।
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बीकेयू शहीद भगत सिंह के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमरजीत सिंह मोहड़ी ने कहा कि सरकार और अधिकारी समझ लें कि किसान के पास इतने संसाधन नहीं हैं। सरकार के संसाधन हैं तो उसके बारे में बताएं। जो बड़े किसान हैं वह संसाधनों का अपने स्तर से प्रयोग कर रहे हैं मगर जो छोटे किसान हैं वह इन संसाधनों को नहीं ले सकते हैं।
किसानों ने फैसला लिया है कि 22 अक्तूबर को प्रदेश की सभी तहसीलों पर किसान ज्ञापन के माध्यम से अपनी समस्या बताएंगे। किसान नेताओं ने सभी से तहसीलों पर पहुंचने का आह्वान किया। यह ज्ञापन सीएम को प्रेषित होगा। मोहड़ी ने कहा कि प्रदूषण बढ़ाने में जो अन्य सेक्टर हैं उनके लिए भी क्या ऐसे कानून हैं, फैक्टरियां जो प्रदूषण फैला रही हैं उनके लिए भी क्या ऐसे नियम हैं।