अंबाला। अमरनाथ यात्रा के लिए ऑफलाइन पंजीकरण खुलने के पहले ही दिन भक्तों में होड़ मच गई। दोपहर तीन बजे पंजीकरण की प्रक्रिया शुरू हुई तो छावनी के जेएंडके बैंक के बाहर पहुंचे भक्तों की भीड़ बेकाबू हो गई। भक्तों में धक्का-मुक्की होने लगी।
इसके बाद बिगड़ते हालात देखते हुए कर्मचारियों ने बैंक का गेट बंदकर दिया और पुलिस को बुलाया। भक्तों और पुलिस के बीच भी जमकर नोकझोंक हुई। आखिर में पुलिस मुलाजिमों ने भक्तों की पंजीकरण के लिए लाइनें लगाकर व्यवस्था बनाई। बाद में पुलिस पहरे के बीच पंजीकरण की प्रक्रिया शुरू हुई। इस बीच भक्तों ने बम-बम भोले के भी जयकारे लगाए।
सात घंटे पहले ही पहुंच गए थे भक्त
इस तरह शाम छह बजे तक करीब 150 भक्तों के पंजीकरण होने के बाद बैंक बंद किया। ऑफलाइन पंजीकरण की प्रक्रिया 18 मई तक चलेगी। जेएंडके बैंक में पंजीकरण का समय दोपहर तीन बजे रखा गया था लेकिन भक्त इस तरह यात्रा के लिए उत्साहित थे कि सुबह 9 बजे ही बैंक के बाहर एकत्रित होने शुरू हो गए थे। करीब सात घंटे दोपहर में खड़े रहने के बाद अपना-अपना पंजीकरण करवाया। जिनके पंजीकरण नहीं हुए तो वो निराश होकर लौटे। भक्तों का कहना था कि वह सुबह 9 बजे से ही बैंक में पहुंच गए थे। बाद में पता चला कि पंजीकरण दोपहर तीन बजे से होगा। घंटों धूप में खड़े होने के बाद नंबर आने लगा तो धक्का-मुक्की हो गई। आरोप लगाए कि बैंक के कर्मचारी पंजीकरण देरी से कर रहे हैं। जबकि यात्रा को देखते हुए अलग से स्टाफ तैनात होना चाहिए था। बता दें कि अमरनाथ यात्रा को लेकर पंजीकरण 14 अप्रैल से शुरू हो गया था। लेकिन सोमवार को सरकारी छुट्टी के चलते बैंक बंद था।
होमगार्ड पर डंडा मारने का आरोप
महेश नगर निवासी भारत इंदू ने बताया कि वह चार घंटे से लाइन में लगा था। पंजीकरण शुरू होने पर अचानक भीड़ आ गई। अभी वह खड़ा ही था कि अचानक एक होमगार्ड के जवान ने पीछे हटने की बात बोलकर डंडा मार दिया। हालांकि होमगार्ड ने व्यवस्था बनाते समय गलती में डंडा लगने की बात कही।
बेकाबू भीड़ को देखकर बढ़ी बैंक की चिंता
जेएंडके बैंक के बाहर दोपहर के समय भक्तों की भीड़ बेकाबू हुई तो बैंक स्टाफ की भी सुरक्षा के लिए चिंता बढ़ गई। बैंक में कैश व जरूरी दस्तावेज होने के कारण स्टाफ ने पुलिस को बुलाया, जिससे कि व्यवस्था बनाई जा सके। इसलिए कर्मचारियों ने चार से पांच भक्तों को भीतर बुलाकर गेट बंद कर पंजीकरण किया। इसी व्यवस्था में शाम तक काम चला।
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पंजीकरण का था इंतजार
छावनी के बीडी फ्लोर मिल के पीछे निवासी डिंपल ने बताया कि यात्रा के पंजीकरण को लेकर सालभर से इंतजार था। सुबह घर का कामकाज छोड़कर सुबह ही मेडिकल के लिए पहले अंबाला छावनी के नागरिक अस्पताल और फिर जेएंडके बैंक में पहुंची।
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होना चाहिए था अतिरिक्त स्टाफ
अंबाला कैंट निवासी सीमा ने बताया कि वह पहली बार अमरनाथ यात्रा के लिए जा रही हैं। यात्रा के पंजीकरण के लिए अस्पताल के साथ-साथ बैंक में भी अतिरिक्त स्टाफ की ड्यूटी लगनी चाहिए थी जो समय पर काम करे। घंटों इंतजार न करना पड़े। ऐसा न होने के कारण परेशानी हुई।
वर्जन
अमरनाथ यात्रा के लिए पहले दिन करीब 150 भक्तों का पंजीकरण हुआ है। पंजीकरण के लिए भक्तों की भीड़ बेकाबू होने के कारण पुलिस को बुलाया गया था। सुबह के समय बैंक का काम होने के कारण दोपहर तीन से छह बजे तक पंजीकरण किया है।
अनिल, ब्रांच मैनेजर, जेएंडके बैंक, अंबाला।