Allegations of kidnapping a minor, attack on railway engineering wing, railway track mechanic and contractor worker injured
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अंबाला। सिविल ड्रेस में गश्त कर रहे एक कर्मी ने खुद को आरपीएफ का सिपाही बताकर चोरी के आरोप में नाबालिग को हिरासत में ले लिया। इससे नाराज बंधुनगर वासियों ने नाबालिग को अगवा करने का आरोप लगाते हुए सोमवार की रात को रेलवे इंजीनियरिंग विंग पर धावा बोल दिया। दोनों पक्षों की ओर से हुए बवाल में चार लोग जख्मी हो गए। घायलों में ठेकेदार का कर्मी राजेश राणा वासी दयाल बाग, रेलवे का ट्रैक मैकेनिक बृजपाल वासी दिल्ली शामिल हैं। राजेश राणा की हालत गंभीर बताई जा रही है। उसे सिविल अस्पताल में प्राथमिक उपचार के बाद पीजीआई चंडीगढ़ रेफर कर दिया गया है। वहीं दूसरे पक्ष से बंधु नगर की एक महिला चेतना और नाबालिग को भी सिविल अस्पताल में उपचार के लिए लाया गया है। दोनों पक्षों की ओर से दी गई शिकायत के बाद पुलिस मामले की जांच कर रही है।
बंधु नगर निवासी चेतना का आरोप है कि वह सोमवार को शौच के लिए नाबालिग के साथ रेलवे ट्रैक के निकट गई थी। तभी कुछ व्यक्तियों ने उसके साथ आई 13 वर्षीय नाबालिग लड़की को उठाया और जबरन अपने साथ ले गए। महिला का आरोप है कि इन्होंने गलत काम करने की नीयत से उसे कमरे में बंद कर दिया। जब उसने शोर मचाया तो बंधुनगर कालोनी के लोग एकत्रित हो गए। इस घटना के बाद मचे बवाल के उपरांत बंधु नगर की महिलाएं एकत्रित होकर गृहमंत्री अनिल विज की कोठी पर भी पहुंचीं, लेकिन विज के नहीं मिलने पर वे वापस लौट गईं।
वहीं दूसरे पक्ष के राजेश राणा का कहना है कि वह लोग इंजीनियरिंग ब्रांच के कमरे के बाहर खड़े थे। तभी आरपीएफ का एक मुलाजिम जो सिविल ड्रेस में था, वह 13 वर्षीया नाबालिग को लेकर आया। उसने बताया कि नाबालिग को चोरी के मामले में पकड़ा गया है और कमरे में बंद कर दिया। साथ ही बोला कि महिला पुलिस आ रही है। यह कहकर वह थोड़ी ही दूरी तक पहुंचा था कि बंधु नगर के लगभग 50 से 60 लोगों ने हाथों में डंडे और पत्थर लेकर हमला बोल दिया।
इस हमले में दो लोग जख्मी हुए। इसके बाद घायलों को सरकारी अस्पताल लाया गया, जहां इलाका पुलिस ने दोनों पक्षों के बयान दर्ज कार्रवाई शुरू कर दी है। वहीं जख्मी राजेश राणा के सिर में गहरी चोट होने के कारण उसे पीजीआई चंडीगढ़ रेफर कर दिया गया।
मामले में पड़ाव थाना प्रभारी देवेंद्र का कहना है कि दोनों पक्षों के बयान दर्ज करने के बाद मामले की जांच की जा रही है। फिलहाल यह पता करने का प्रयास किया जा रहा है कि नाबालिग को हिरासत में लेेने वाला आरपीएफ कर्मी कौन था और नाबालिग पर चोरी का क्या आरोप है।