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नियमित अभ्यास के बिना दो साल बाद मैदान में उतरे तो फूलीं सांसें

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अंबाला। कोरोना के कारण दो साल से घरों में रहने को मजबूर खिलाड़ी एक बार फिर मैदान में उतर आएं हैं। जिला स्तर पर उपलब्धि हासिल करने के बाद अब खिलाड़ी खेलो हरियाणा प्रतियोगिताओं में दमखम दिखाएंगे। मगर दो साल तक नियमित अभ्यास छूटने के बाद खिलाड़ियों के लिए मैदान पर उतरकर पहले जैसी पकड़ बनाना आसान नहीं हो रहा। मैदान पर उतरते ही खिलाड़ियों की सांसे फूलने लगी हैं।
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खिलाड़ियों का कहना है कि कोरोना काल ने उनके खेल पर बहुत अधिक असर डाला है, उन्होंने जो पहले खेलों की तैयारी की थी, अब वही तैयारी उन्हें बिल्कुल नए स्तर पर शुरू करनी पड़ी है। खिलाड़ियों ने बताया कि खेलो हरियाणा तक पहुंचने के लिए ही उन्होंने दो माह में सालभर की तैयारी जितना पसीना बहाया है। तब जाकर उनकी दौड़ लगाने की सहनशक्ति कुछ हद तक बढ़ी है लेकिन अभी भी बहुत ज्यादा अभ्यास की जरूरत है।
पहले प्रतिदिन कम से कम चार घंटे मैदान में तैयारी करते थे, वह कोरोना काल की भेंट चढ़ गई। जब मैदान में उतरे तो सांसें फूलने लगीं। अब खेलो हरियाणा के लिए नए सिरे से तैयारी की है। अब जीत हासिल करने के लिए अंबाला आए हैं। - राहुल, गुरुग्राम।
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उन खिलाड़ियों का भी कोरोना ने खेल खराब कर दिया जो राष्ट्रीय स्तर की खेल प्रतियोगिताओं में भाग ले चुके हैं। अगर कोई खिलाड़ी एक सप्ताह भी खेल से दूर रहे थे तो उसके भी खेल में अंतर दिखना शुरू हो जाता है। यहां तो दो साल बीत गए। - सुमन, गुरुग्राम।
बहुत से खिलाड़ी ऐसे थे, जिनके पास घर पर खेल की तैयारी करने का कोई साधन नहीं था। ऐसे खिलाड़ियों के स्वास्थ्य में पूरी तरह से बदलाव आ गया था। खेलो हरियाणा के लिए दिनरात मेहनत की तब जाकर यहां तक पहुंच पाए हैं। - वीर, करनाल।
कोरोना का प्रभाव प्रत्येक खिलाड़ी पर पड़ा है। घर पर बैठे रहने और बेतरतीब भोजन से खिलाड़ियों की व्यवस्था ही बिगड़ गई। अब मैदान में उतरे तो लगा कि पहली बार दौड़ लगाने का अभ्यास कर रहे हैं। - मेहर सिंह, करनाल।
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