अंबाला। लगातार गिर रहे भू-जल के स्तर को देखते हुए रेलवे ने जल संचय करने का फैसला किया है। इसके लिए जलसंचय केंद्र का निर्माण किया जाएगा।
रेलवे कॉलोनी में इसके निर्माण के लिए योजना तैयार की जाएगी, जिससे कि ट्रेनों को धोने और स्टेशन पर साफ-सफाई के लिए इस्तेमाल होने वाले लगभग दो हजार लीटर पानी को संचय किया जा सके। इस पानी को संचय करने के बाद पेड़-पौधों आदि के लिए इस्तेमाल किया जाएगा। यह योजना व्यर्थ पानी के संग्रहण में काफी कारगर सिद्ध होगी जोकि समय के अनुसार भू-जल की कमी को भी पूरा करेगी।
लगातार हो रही खपत
अंबाला कैंट रेलवे स्टेशन के यार्ड में ट्रेनों को धोने के लिए रोजाना 1200 लीटर पानी की खपत हो रही है। वहीं रेलवे परिसर, शौचालय, रेलवे ट्रैक व प्लेटफार्म को धोने के लिए 800 लीटर पानी खर्च होता है, जिससे कि स्टेशन साफ व स्वच्छ रहे। इस पानी को बचाने के लिए पूर्व में भी कई योजनाएं बनाई गई जोकि किसी कारणवश सिरे नहीं चढ़ पाईं। लेकिन मौजूदा डीआरएम जल संचय को लेकर काफी गंभीर नजर आ रहे हैं। उन्होंने इस संबंध में पूरी जानकारी मांगी है कि उनके पास कितने जलस्रोत हैं और अगर इमरजेंसी पड़ी तो पानी का प्रबंध कहां से होगा। इन सभी महत्वपूर्ण बिंदुओं पर आंकलन करने के बाद विस्तृत योजना पर होने वाले खर्च व स्वरूप का खाका तैयार किया जाएगा।
यात्रियों को भी करेंगे जागरूक
रेलवे स्टेशन पर पानी की बर्बादी को रोकने के लिए जागरूकता अभियान भी चलाया जाएगा। प्राथमिक चरण में ट्रेनों और रेलवे स्टेशन की सफाई में लगे कर्मचारियों को पाठ पढ़ाया जाएगा कि वो किस प्रकार पानी की बचत कर सकते हैं। दूसरे चरण में यात्रियों को जागरूक किया जाएगा कि अगर उन्हें प्लेटफार्म पर या अपने आसपास कहीं भी पानी की बर्बादी नजर आती है तो वो इसकी जानकारी स्टेशन मास्टर को दें। वहीं पानी के प्रबंधन में लगे विभागीय कर्मचारियाें को भी पूरी सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं।
वर्जन
लगातार गिर रहे भू-जल को देखते हुए जल संचय को लेकर योजना तैयार की जाएगी, जिससे कि व्यर्थ बहने वाले पानी का भी सही इस्तेमाल किया जा सके। इस संबंध में आंकड़ों के आधार पर जानकारी जुटाई जा रही है। आंकलन के बाद इसका विस्तृत खाका तैयार किया जाएगा।
विनोद भाटिया, डीआरएम अंबाला।