संवाद न्यूज एजेंसी
अंबाला सिटी। परमधर्माधीश उतराम्नाय ज्योतिष्पीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने मंगलवार को कहा कि हरियाणा भगवान श्री हरि का घर है। हरियाणा के हर जिले में भगवान श्री हरि को स्थापित करने के लिए मंदिरों की स्थापना की जाएगी और अंबाला को इसका केंद्र बनाया जाएगा। अंबाला में हरि के अवतार का भव्य मंदिर बनेगा। जब यहां भगवान बस जाएंगे तो भगवान आपके दुख चुरा लेंगे।
शंकराचार्य का आगमन हरियाणा प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पूर्व कोषाध्यक्ष रोहित जैन के निवास पर मंगलवार को हुआ। वहां पहुंचने पर जैन ने परिवार सहित अन्य परिवारों ने भी जगद्गुरु शंकराचार्य की पादुका पूजन कर पूजा अर्चना की व आशीर्वाद लिया। रोहित जैन ने कहा कि जगद्गुरु शंकराचार्य का अंबाला की धरती पर दूसरी बार आना सभी के लिए गर्व की बात है। जगद्गुरु शंकराचार्य ने कहा कि अधर्म बिल्कुल ही खत्म हो जाए तो ऐसा हो नहीं सकता, क्योंकि साधु संत देश में अपने-अपने स्तर पर काफी कुछ संभाल रहे है और अधर्म का नाश करके धर्म की स्थापना कर रहे है।
गाय की दयनीय हालत व गो हत्या पर शंकराचार्य कहा कि सरकार तब सोचती है, जब उसके नाक में दम कर दें। चाहे लोग हो, संस्था हो अगर उनमें इतनी ताकत है कि सब बातों को पीछे छोड़कर इस विषय को प्राथमिकता से रखेंगे तो कोई राजनीतिक दल नहीं है जो इससे मना कर सके। समस्या यही है कि हम प्राथमिकता से विषय को आगे लेकर नहीं आते।
अगर गाय के विषय को प्राथमिकता में लाया जाएगा तो सरकारों को इसे करना पड़ेगा। आज बहुमत की सरकारें गाय की अनदेखी कर रही हैं। गाय को धार्मिक संस्थानों को संभालना चाहिए प्रश्न पर कहा कि धार्मिक लोग अपनी शक्ति अनुसार गोशाला को चला रहे हैं, लेकिन उनकी शक्ति छीन ली गई है। सारी शक्ति सरकारों ने अपनी हाथ में ले ली है।
शिक्षा को व्यापार का विषय बना दिया
जगद्गुरु शंकराचार्य ने कहा कि आज लोगों ने शिक्षा को व्यापार का विषय बना दिया है। अब जिसके पास पैसा है, वह ही अपने बच्चे को पढ़ा सकता है। जिसके पास पैसा नहीं है। वह अपने बच्चे को पढ़ा नहीं सकता। उन्होंने कहा कि हमारा संविधान 75 साल से अन्याय कर रहा है। कब तक चुप रहेंगे। 100 साल से पहले खड़ा होना ही पड़ेगा। उन्होंने कहा कि सरकार धर्म के मामलों में हस्तक्षेप कर धर्म का मामला बिगाड़ रही हैं। गाय को सब मानते हैं, लेकिन कदम कोई नहीं उठाता। जो सरकार दो बार में बहुमत से आई। उसने अगर गाय की रक्षा नहीं की तो हम उसको हिंदू सरकार नहीं कहेंगे।