अंबाला। शहर के गोल्डन फारेस्ट परिसर में ही चल रहे गोल्डन पब्लिक स्कूल पर सोमवार को दिल्ली हाईकोर्ट के निर्देश पर एक विशेष कमेटी ने ताले जड़ दिए। दरअसल, ये विवाद कोर्ट में विचाराधीन था और 30 जून तक स्कूल की प्रबंधन कमेटी को इस स्कूल को खाली करने के आदेश दिए गए थे। लेकिन आदेश का पालन नहीं होने की वजह से सोमवार को विशेष कमेटी के सदस्य, पुलिस और कानूनगो की मौजूदगी में स्कूल परिसर में ताला जड़कर स्कूल कब्जे में ले लिया।
इस विशेष कमेटी में शामिल एडवोकेट आशीष ने बताया कि इस स्कूल की मैनेजमेंट कमेटी का कोई विवाद इस वक्त इस प्रापर्टी की देखरेख कर रही गोल्डन फारेस्ट कमेटी से चल रहा था। दरअसल, इस कमेटी ने ये प्रापर्टी किसी को बेचनी है। मगर ये स्कूल यहां स्थापित कर दिया गया। उनके अनुसार ये कमेटी सुप्रीम कोर्ट व हाईकोर्ट दिल्ली के निर्देशों पर बनी है।
एडवोकेट आशीष के अनुसार इस सारे मसले में अब कोर्ट के आदेश पर ही इस स्कूल को 30 जून को खाली करके कब्जा कमेटी को देने के आदेश दिए गए थे। लेकिन प्रबंधन समिति ने ऐसा नहीं किया। जिसके बाद इस सारे मामले की जानकारी एसएएस डीसी के संज्ञान में डालकर लालड़ू के कानूनगो व पुलिस दस्ते के साथ विशेष कमेटी के सदस्य मौके पर पहुंचे। मौके पर स्कूल के प्राचार्य ने स्कूल में बिना किसी बहस व विवाद के कार्रवाई करने दी और पूरे स्कूल में ताले जड़ दिए गए।
छात्रों के भविष्य अधर में
स्कूल में पढ़ रहे तकरीबन चार-पांच सौ बच्चों का भविष्य अधर में लटक गया है। क्योंकि पढ़ाई शुरू हो चुकी है और ऐसे में इन छात्रों को कौन स्कूल बीच में दाखिला देगा। कमेटी के सदस्य कहते हैं कि इस बारे में उन्हे कुछ नहीं मालूम। मगर कानूनगो शुभकरण कहते है कि इस स्कूल को शायद बंद न किया जाए। इस स्कूल को कब्जा लेने वाली कमेटी इसी तरह रन रखेगी। ताकि इस विवाद का असर छात्रों के भविष्य पर न पडे़। लेकिन अभी इस बात की किसी ने पूरी तरह पुष्टि नहीं की है। प्राचार्य ने इस पूरे मामले पर कोई भी टिप्पणी करने से साफ इनकार कर दिया।