अंबाला। सावधान! अंबाला के विभिन्न इलाकों में मलेरिया ने अपने पांव पसारने शुरू कर दिए हैं। इन क्षेत्रों में लगातार मलेरिया के मामले सामने आ रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग मलेरिया से निपटने के लिए प्रभावशाली इलाकों में ब्लड के सैंपल लेकर ब्लड स्लाइड तैयार करवाने में जुटा है। जिला प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग के अफसरों का कहना है कि इसके लिए एहतियात के तौर पर जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं। साथ ही लोगों को जागरूक भी किया जा रहा है।
पिछले साल मुकाबले इस साल ज्यादा मामले
पिछले साल की तुलना में इस साल अभी तक मलेरिया के केसों में काफी बढ़ोतरी हुई है। पिछले साल जून तक मलेरिया के 92 केस सामने आए थे। जबकि इस साल जून तक 158 केस सामने आ चुके हैं। वहीं, जुलाई के अंत तक मलेरिया के कुल 268 केस दर्ज किए गए हैं। पिछले एक माह में सौ केस सामने आएं हैं। लगातार बढ़ रहे मामले से स्वास्थ्य विभाग की चिंताएं बढ़ गई हैं।
मुलाना में सबसे ज्यादा केस
मलेरिया के मामले वैसे तो पूरे जिले में सामने आ रहे हैं, लेकिन मुलाना खंड से सबसे ज्यादा केस सामने आए हैं। अभी तक मुलाना में मलेरिया के 113, बराड़ा के 60, चौड़मस्तपुर के 25, शहजादपुर में 47 और ट्विन सिटी में 23 केस सामने आ चुके हैं। स्वास्थ्य विभाग वैसे तो पूरे जिले की स्थिति पर नजर बनाए हुए है, लेकिन सबसे ज्यादा फोकस मुलाना पर किया जा रहा है।
विभाग ले रहा ब्लड सैंपल
जिन इलाकाें में मलेरिया के केस सामने आ रहे हैं, वहां विभाग ब्लड सैंपल ले रहा है। संबंधित इलाकों में बुखार ग्रस्त लोगों के रक्त के नमूने लेकर ब्लड स्लाइड्स तैयार की जा रही है, ताकि उसकी जांच कर यह पता लगाया जा सके कि संबंधित बुखार मलेरिया या ढेंगू का तो नहीं है।
लोगाें को बरतनी होगी सावधानी
मलेरिया न फैले इसके लिए लोगों को अपना ध्यान रखना होगा। स्वास्थ्य विभाग के अफसर का कहना है कि मलेरिया को फैलने से रोकने के लिए लोगाें को अपने घरों के आसपास, खाली जमीन और गड्ढाें में पानी जमान नहीं होने देना चाहिए। क्योंकि जमा पानी में मच्छरों का प्रजनन होता है और मच्छर मलेरिया फैलाने में अहम भूमिका निभाते हैं। लोगों को खड़े पानी में मिट्टी का तेल, डीजल या पेट्रोल डालना चाहिए, ताकि मच्छरों का लारवा नष्ट हो जाए।
कोट
जिला प्रशासन मलेरिया को लेकर पूरी तरह गंभीर है। स्वास्थ्य महकमा विभिन्न इलाकोें में कार्रवाई कर रहा है। बुखार ग्रस्त लोगों को पता लगाया जा रहा है। साथ ही लोगों को इसके बारे में जागरूक भी किया जा रहा है।
केवल बिंद्रा, प्रशासनिक प्रवक्ता, अंबाला