अंबाला। नगर निगम के अधीनस्थ नक्शों को पास करवाने में ऐसा खेल खेला जा रहा है, जिससे सरकार को करोड़ों की चपत लग रही है। लोग नक्शा पास करवाने के लिए बिल्डिंग प्लान तो रिहायशी भवन का बनाकर देते हैं, मगर उसकी जगह व्यवसायिक भवन खड़ा कर दिया जाता है। जिससे विकास शुल्क के रूप में नगर निगम को खासा नुकसान हो चुका है।
अब ऐसे ही निर्माणों पर नगर निगम की निगाहें टेढ़ी होने वाली है और नगर निगम ऐसे ही निर्माणों को टारगेट कर उनकी सूची तैयार करने वाला है। जिसकी रिपोर्ट डीसी को दी जाएगी और फिर ऐसे भवन संचालकों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।
ट्विनसिटी में भवनों का नक्शा पास करवाने को लेकर जबरदस्त खेल खेला जा रहा है। इस दौरान बहुत से लोग ऐसे हैं जो अपना रिहायशी भवनों का नक्शा तैयार करवा उसे पास करवाने के लिए निगम में जमा करवाते हैं। निगम उस पर नियमानुसार कार्रवाई करता हुआ उसे पास भी कर देता है, लेकिन उस जगह पर रिहायशी भवन न बनाकर व्यवसायिक भवन तैयार कर दिया जाता है। छावनी के एक्सइज एरिया में तो बहुत से व्यवसायिक भवन तो बिना निगम से नक्शा पास करवाए ही खड़े कर लिए गए हैं। जबकि बहुत से व्यवसायिक भवन तो ऐसे हैं, जिनका नक्शा बतौर रिहायशी भवन पास होने के लिए निगम में जमा है, पर उन्होंने अपने भवन को व्यवसायिक गतिविधि के लिए बिना अनुमति के ही बनाना शुरू कर दिया है।
इससे अब तक सरकार को करोड़ों का नुकसान हो चुका है। क्योंकि रिहायशी भवनों और व्यवसायिक भवनों के बिल्डिंग प्लान को पास करने के लिए निगम अलग-अलग फीस वसूलता है। जिसमें व्यवसायिक भवन के बिल्डिंग प्लान को पास करवाने की फीस अपेक्षाकृत रिहायशी भवन से बहुत कम है। जबकि ऐसे भवन जो बिना बिल्डिंग प्लान पास करवाए बिना ही खड़े हो गए हैं, उन भवन संचालकों ने भी निगम में विकास शुल्क जमा नहीं करवाया है। जिससे निगम को खासा नुकसान हो चुका है।
लेकिन अब नगर निगम इस मसले को लेकर पूरी तरह से गंभीर हो गई है। निगम ऐसे भवनों को टारगेट में लेते हुए ऐसे भवनों की फेहरिस्त तैयार करेगी। उसके बाद इस रिपोर्ट को डीसी अंबाला को सौंपा जाएगा। जिसके बाद डीसी अंबाला के निर्देशानुसार इन भवन मालिकों के खिलाफ कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
निगम ऐसे भवनों पर नजर रखनी शुरू कर रहा है, जिन्होंने अपना बिल्डिंग प्लान तो रिहायशी पास करवाया है या जमा करवाया है। मगर वहां रिहायशी की बजाए व्यवसायिक भवन खड़ा कर दिया गया है। निगम ऐसे भवनों की रिपोर्ट तैयार कर डीसी अंबाला को सौंपेगा और उनके निर्देशों पर आगामी कार्रवाई अमल में लाएगा।
केके यादव, सचिव, नगर निगम-