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मां का दूध-जलेबी और बप्पा को लड्डुओं का भोग

Tue, 13 Nov 2012 12:00 PM IST
Ambala
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अंबाला। दीपावली के दिन लक्ष्मी, गणेश और पूजन सबके लिए शुभ रहेगा। हालांकि पूजन के लिए लग्न के अनुसार सभी समय का महत्व है। लेकिन मध्य रात्रि की पूजा सबसे ज्यादा फलदायी होगा। पंडित टीआर के अनुसार दीपावली का दिन सबके लिए शुभ रहेगा।
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महा लक्ष्मी के पूजन का वक्त
दिन में तीन लग्न रहते हैं। चर लग्न, स्थिर लग्न और द्वि स्वभाव लगन। महालक्ष्मी जी का पूजन स्थिर लग्न में ही किया जाता है।
पहला स्थित लग्न शाम 5.28 बजे से लेकर शाम 7.30 बजे तक रहेगा। यह लग्न पूजा के लिए शुभ है।
दूसरा स्थिर लग्न मध्यरात्रि 12.07 बजे से लेकर मध्यरात्रि 2.27 बजे तक रहेगा। पूजा का यह समय अति शुभ रहेगा।
इन कालों में पूजा का महत्व
प्रदोष काल: शाम 5.28 से लेकर रात्रि 8.10 बजे तक। इस काल में भी महालक्ष्मी पूजन, बही खाता पूजन, धार्मिक स्थलों पर दीप प्रज्जवलित करना, ब्राह्मणों और बुजुर्गों को उपहार भेंट कर सक सकते हैं
निशिथ काल: रात 8.10 बजे से लेकर 10.52 बजे तक। इस काल में श्री सुक्त धारा और कनक धारा स्त्रोत पूजन तथा मंत्रों की सिद्धि के लिए पूजा-पाठ किया जाएगा
महानिशिथ काल : रात 10.52 बजे से लेकर मध्यरात्रि 1.34 बजे तक रहेगा। इस काल में श्री महा लक्ष्मी, महाशक्ति, काली उपासना होगी। यंत्र, मंत्र और यज्ञ इत्यादि क्रियाएं भी इसी काल में होगी
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व्रत का महत्व
दीपावली पर महालक्ष्मी जी के व्रत का खास महत्व होता है। सुबह स्नान के बाद का मां का ध्यान कर व्रत विधि विधान से रखा जाएगा। उसके बाद शाम को महालक्ष्मी जी के पूजन के उपरांत ही व्रत खोला जाएगा।
ये लगाएं भोग
पूजन के उपरांत महालक्ष्मी जी की को दूध और जलेबी का और गणेश जी को लड्डुओं का भोग लगाएं। पूजन के दौरान चांदी व सोने के सिक्कों की पूजा भी भगवान कुबेर के रूप में की जाएगी। सिक्कों को पहले गंगाजल से स्नान करवाएं और फिर उन पर तिलक लगाते हुए ‘ऊं भुर्व भव: स्व: कुबेराय: नम:’ का जाप करते जाएं।
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