अंबाला। धनवंतरि यानी देवों के वैद्य देवता का भी पूजन दिवस रविवार को है। इसके साथ ही पांच दिन के लगातार पर्व शुरू हो जाते हैं। शास्त्रों की मानें तो धंतेरस के दिन खरीदारी काफी शुभ माना जाता है। कुछ भी खरीदें प्रभु की कृपा बनी रहेगी।
शुभ मुहूर्त
पंडित अश्वनी प्रसाद और पंडित अरविंद भट्ट ने बताया कि रविवार को धनतेरस पर दोपहर 1.28 बजे से शाम 4.30 बजे तक खरीदारी का सबसे उत्तम समय है। इस दौरान किसी प्रकार की भद्रा नहीं रहेगी। उधर, पंडित दीपलाल जयपुरी के अनुसार वैसे तो सुबह 10.35 बजे से भी लोग खरीदारी शुरू कर सकते हैं। उसमें भी कोई दोष नहीं है।
क्या खरीदें
इस दिन वैसे तो बर्तन, सोने व चांदी की खरीदारी करनी चाहिए। चूंकि मुहूर्त बेहद शुभ रहता है इसलिए कपड़ाें से लेकर घर में इस्तेमाल होने वाली कोई भी चीज खरीदी जाए, तो वह शुभ ही होगी। अमूमन दीपावली पूजन पर इस दिन लोग सोने व चांदी के श्रीगणेश व लक्ष्मी छपे सिक्कों की ज्यादा खरीदारी करते हैं।
कैसे करें पूजा
इस दिन भगवान श्रीगणेश, लक्ष्मी, कुबेर व धनवंतरी जी का पूजन कलश स्थापना के साथ किया जाता है। यह पूजन चावल, गुड़, रोली, मौली, पान एवं आम के पत्ते और नारियल के साथ विधिविधान से किया जाता है।
पंडित तिलक राज मैत्रेय ने बताया कि इस दिन भगवान धनवंतरी व कुबेर का पूजन श्रेष्ठ माना जाता है। मगर श्रीगणेश व लक्ष्मी का पूजन भी इस दिन से शुरू हो जाता है, तो दीपावली तक चलता है। जब समुद्र का मंथन हुआ था तो उसमें 14 रत्न निकले थे। उन्हीं में से भगवान धनवंतरी हाथों में अमृत कलश लेकर निकले थे। बाद में भगवान इंद्र के आग्रह पर उन्होंने देवताओं के वैद्य बनने का पद स्वीकर किया और अमरावती में अपना निवास बनाया। तमाम आयुर्वेद औषधियों के निर्माता यही देव हैं और आयुर्वेद मूल ग्रंथ धनवंतरी संहिता के रचयिता है। आयुर्वेद के आचार्य सूश्रुत मुनि जी ने ने भगवान धनवंतरी जी से इस शास्त्र का उपदेश प्राप्त किया और सभी आयुर्वेद शास्त्र धनवंतरी देव जी के मुखारबिंद से निकला था।