अंबाला। कोरोना के बाद रोडवेज की पिंक बसों को महिला यात्री नहीं मिल पा रही हैं। इसका असर यह है कि जो बसें चल रही हैं उसमें भी पुरुषों के साथ महिलाओं को सफर करना पड़ रहा है।
अब रोडवेज भी खाली बसें नहीं चला सकता है ऐसे में खर्चा निकालने के बाद महिला और पुरुष दोनों सवारियों को बैठाकर यात्रा करानी पड़ रही है। दरअसल कोरोना से पूर्व अंबाला रोडवेज को 5 पिंक बसें मिली थी। इस बसों को देने के पीछे सरकार का उद्देश्य था कि कामकाजी महिलाएं अपने गंतव्य तक सुरक्षित पहुंच सकें। मगर कोरोना आ गया तो यह बसें बंद करनी पड़ी। इसके बाद कोरोना कम हुआ तो रोडवेज ने फिर से इन बसों को चलाने का फैसला लिया। जब बसों का संचालन किया ताे पता चला कि पर्याप्त महिला सवारी ही नहीं मिल रही हैं। ऐसे में रोडवेज ने महिला व पुरुष दोनों यात्रियों को बैठाने के निर्देश दे दिए।
अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर आईं थी बसें
बताया जाता है कि मार्च 2020 में अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर अंबाला डिपो में रोडवेज की पांच पिंक बसों की शुरुआत की गई थी। यह शुरुआत प्रदेश के सभी जिलों में एक साथ की गई थी। इन पिंक बसों में सिर्फ महिलाएं व छात्राएं ही सफर कर सकती थीं। अब देखने को मिल रहा है कि पिंक बसों में यात्रा के दौरान महिलाओं की तुलना में पुरुषों की संख्या ज्यादा रहती है। कोरोना काल में बढ़ते मामलों को लेकर प्रदेश भर में लॉकडाउन लग गया था। जिस कारण से सभी स्कूल और कॉलेज बंद हो गए थे। लेकिन कोरोना काल के जब लॉकडाउन हटा तो वाहन धीरे-धीरे सड़कों पर दौड़ने लगे।
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वर्जन
कोरोना के बाद से ही महिला यात्रियों की संख्या कम होने के कारण पिंक बसों में पुरुष भी सफर कर रहे हैं। अगर कहीं से महिलाओं या छात्राओं की मांग आती है तो पिंक बसों को पहले की तरह महिलाओं के लिए रिजर्व कर दिया जाएगा।- अश्वनी डोगरा, जीएम, रोडवेज अंबाला।