संवाद न्यूज एजेंसी
शहजादपुर। नकली नोटों से भरे कंटेनर को राजस्थान की सीमा से हरियाणा में लाने व पुलिस अधीक्षक को 12 लाख रुपये देने के बाद पांच गुणा मुनाफे का झांसा देकर 9.50 लाख रुपये की धोखाधड़ी का मामला सामने आया है।
तीन शातिर ठगों ने बपौली गांव निवासी जितेंद्र को अपना शिकार बनाया। आरोपियों ने झांसे में लेने के लिए पूरी कहानी रच दी। कहा कि नकली नोटों से भरे ट्रक को सिरसा में गोपाल के घर उतारने के बाद 15 करोड़ रुपये मिल जाएंगे। उसके बाद वह 20 लाख रुपये की जगह पांच गुना रुपये देंगे। कुछ रुपये तो लौटा दिए लेकिन 9.50 लाख रुपये न देने पर पीड़ित ने आर्थिक अपराध शाखा को शिकायत दी।
जांच के बाद आर्थिक अपराध शाखा ने थाना शहजादपुर में प्राथमिकी दर्ज करवाई। शहजादपुर थाना पुलिस ने पीड़ित जितेंद्र सिंह की तहरीर पर अरुण शर्मा, राजबीर, रोहित अग्रवाल पर प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी। यह कार्रवाई बीएनएस की धारा 61 अपराधिक षड्यंत्र, 318(4) धोखाधड़ी के तहत की गई।
पहले मांगे थे पांच लाख, फिर पानीपत टोल प्लाजा पर बुलाया था : पुलिस को दी तहरीर में जितेंद्र सिंह ने बताया कि उसकी शहजादपुर में कंप्यूटर की दुकान है। उनकी शहजादपुर के माजरा निवासी राकेश कुमार उर्फ राका व अरुण शर्मा से जानकारी थी। आरोप लगाया कि 17 जनवरी को सुबह करीब 7.30 बजे राकेश कुमार उर्फ राका ने अपने मोबाइल नंबर से व्हाट्सएप कॉल किया। बताया कि वह कई दिनों से बाहर है और उसने एक ऐसे काम में रुपये लगाए हैं, जिसमें बहुत ज्यादा मुनाफा है। राकेश ने तत्काल पांच लाख रुपये की जरूरत बताते हुए कहा कि वह अगले दिन ही 25 लाख रुपये लौटाएगा और इसमें कोई जोखिम नहीं है।
जब शिकायतकर्ता ने रुपये न होने की बात कही तो उसे बाजार से उधार लेकर रकम जुटाने के लिए उकसाया गया। उसी दिन शाम को राकेश कुमार उर्फ राका व अरुण शर्मा ने शिकायतकर्ता को पानीपत टोल प्लाजा पर बुलाया। वहां दोनों आरोपितों ने उसे बताया कि राजस्थान सीमा में एक कंटेनर खड़ा है, जिसमें जाली भारतीय करेंसी भरी हुई है। आरोपियों ने दावा किया कि इस कंटेनर को हरियाणा सीमा में लाने के लिए कथित तौर पर राजस्थान के एसपी को 12 लाख रुपये देने होंगे।