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- जॉब फेयर में सिलेक्शन के बाद बच्चों से मांगी गई राशि

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नौकरी के नाम पर मांगी फीस, आईटीआई स्टूडेंट्स ने किया हंगामा
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अमर उजाला ब्यूरो
अंबाला सिटी।
आईटीआई में 23 नवंबर को आयोजित हुए जॉब फेयर में आई एक प्लेसमेंट एजेंसी पर डिप्लोमा होल्डर विद्यार्थियों से ठगी करने का आरोप लगाते हुए आवेदकों ने आईटीआई परिसर में जमकर हंगामा किया। विद्यार्थियों के आरोप पर जब आईटीआई प्रिंसिपल भूपिंद्र सिंह ने स्वयं मामले की जांच की तो मामला शुरूआती तौर पर संदिग्ध लगा। इसके बाद प्रिंसिपल ने पुलिस को शिकायत देकर मामले की जांच की मांग की है। फिलहाल पुलिस उक्त एजेंसी द्वारा दिए जा रहे तर्कों की जांच कर रही है, जिसके बाद ही पुलिस ने कोई कार्रवाई करने की बात कही है।
ज्ञात रहे कि 23 नवंबर को आईटीआई अंबाला परिसर में जॉब फेयर लगा था। इस जॉब फेयर में बेंगलुरु की एक कंपनी प्लेसमेंट के लिए आई थी। कंपनी का कहना है कि उन्हें लखनऊ की एक कंपनी ने डिप्लोमा होल्डर बच्चों को चंडीगढ़ स्थित एक कंपनी के लिए भर्ती करने का काम दिया था। जॉब फेयर में करीब तीन हजार छात्र हरियाणा, पंजाब, राजस्थान, यूपी, गुजरात और अन्य जगहों से आए थे जिनमें से कंपनी ने दो हजार के करीब विद्यार्थी सिलेक्ट कर 1300 को शॉर्टलिस्ट किया था। अब यह एजेंसी इन छात्रों से 300 रुपये फीस और सैलरी में से छह हजार रुपये काटने की बात कह रही थी जिसको लेकर छात्र भड़क गए।
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लेटरहैड पर कंपनी का नाम न कोई संपर्क नंबर
सोमवार को जब 189 छात्रों ने 300 रुपये फीस भर दी तो उक्त एजेंसी ने उन्हें एक लेटरहैड पर कॉल लेटर दिया। इस लेटर में कहीं भी कंपनी का न तो नाम था न ही कोई संपर्क नंबर था जहां इन विद्यार्थियों की नौकरी लगी है। मामले में गड़बड़ी की आशंका को देखते हुए विद्यार्थियों ने आईटीआई परिसर में ही हंगामा कर दिया और जमकर नारेबाजी की। कैंपस में माहौल बिगड़ता देख प्रिंसिपल ने तुरंत स्वयं मौके पर पहुंचकर उन्हें शांत किया। इसके बाद उन्होंने स्वयं मामले की पड़ताल की। जिस कंपनी में विद्यार्थियों को नौकरी पर रखने की बात कही जा रही है, उन्होंने वहां फोन कर पूछा तो कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला। वहीं दूसरी ओर प्लेसमेंट एजेंसी ने खुद को निर्दोष बताते हुए कहा कि जांच में सब साफ हो जाएगा। सूचना मिलने पर पुलिस भी मौके पर पहुंची और कंपनी अधिकारियों को अपने साथ ले गई। मामले की जांच चल रही है।
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कंपनी अधिकारी बोले प्रिंसिपल को बताया, प्रिंसिपल ने नकारा
बेंगलुरु से आई कंपनी प्रतिनिधि अंकित शर्मा ने बताया कि एक अन्य एचआर कंपनी से मैनपावर का कॉंट्रेक्ट किया था। इसके बाद उक्त कंपनी को जॉब फेयर लगाकर बच्चों की सिलेक्शन करने का काम दिया था। अंकित के अनुसार उन्होंने आईटीआई प्रिंसिपल भूपिंद्र सिंह को 300 रुपये फीस और बाद में छह हजार रुपये तनख्वाह में से काटने की बात पहले बता दी थी। वहीं दूसरी ओर प्रिंसिपल का कहना है कि हमें ऐसा कुछ नहीं बताया था। उन्होंने ऐसी कोई जानकारी होने से इंकार किया है।
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