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- पीपल फॉर एनीमल एवं गोसेवा सोसाइटी ने सदर पुलिस से की केस दर्ज करने की मांग
- मिलिट्री फार्म प्रशासन ने कहा कोई बछड़ा गायब नहीं, पूरा हिसाब
- सेना देशभर में बंद कर रही है अपने डेयरी फार्म
- डेयरी फार्म में कार्यरत कर्मियों ने सोमवार दिल्ली में जाकर जताया विरोध
अमर उजाला ब्यूरो
अंबाला कैंट।
सेना द्वारा संचालित मिलिट्री डेयरी फार्म से सैकड़ों बछड़े गायब करने का आरोप डेयरी प्रशासन पर लगाया गया है। पीपल फॉर एनीमल संस्था और श्री गो सेवा सोसाइटी द्वारा आरोप लगाया गया है कि बछड़ों को बाहर छोड़ दिया जाता है। इसके अलावा अन्य संगीन आरोप भी लगाए गए हैं। वह मामले की जांच करने के लिए मिलिट्री फार्म गए तो उन्हें जांच के लिए अंदर दाखिल भी होने नहीं दिया गया। मामले की शिकायत सदर थाना में कर केस दर्ज करने की मांग की गई है। दूसरी ओर मिलिट्री फार्म प्रशासन ने इन आरोपों को सिरे से खारिज किया है। उनका कहना है कि यह आरोप बेबुनियाद है, सेना में हर कार्य नियम व कायदों से हो रहा है।
गत दिनों पीपल फॉर एनीमल हरियाणा के चेयरमैन नरेश कादियान ने भी मामले की शिकायत दी थी। आरोप है कि जन्म के बाद से ही बछड़ों को अलग कर कर दिया जाता है। गौ सेवा सोसाइटी के अध्यक्ष अजय चावला ने कहा कि बछड़ों को या तो बाहर छोड़ दिया जाता है या फिर उन्हें बूछड़ खाने चलाने वालों को दे दिया जाता है। अब तक की जांच में करीब 1400 बछड़े ऐसे हैं जोकि गायब है। उन्होंने कहा कि यह आंकड़ा ज्यादा भी हो सकता है। संस्थाओं ने इस मामले को लेकर डीसी को भी शिकायत सौंपकर मामले में कार्रवाई की मांग की है।
बंद करने की तैयारी में मिलिट्री फार्म
बता दें कि इस समय सेना अपने मिलिट्री डेयरी फार्मों को बंद करने की तैयारी में है। सेना द्वारा दुग्ध उत्पादों की आपूर्ति किसी अन्य स्रोत से की जाएगी जिस वजह से डेयरी फार्मों को बंद करने का निर्णय लिया गया है। गत दिनों सेना ने डेयरी फार्म में स्थित गायों व बछियों को सहकारी या सरकारी पशुपालकों को देने की कार्रवाई भी आरंभ की थी। अंबाला में इस समय डेयरी फार्म में करीब चौदह सौ संकर नस्ल की गाय है जिन्हें सेना प्रशासन संस्थाओं को देगा।
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बेरोजगारी की लटकी तलवार, दिल्ली में जताया विरोध (फोटो नंबर : 29)
दरसअल, विवाद देशभर में मिलिट्री डेयरी फार्मों को बंद करने से जुड़ा है। अंबाला में भी डेयरी फार्म बंद करने की कवायद चल रही है और यहां पर कांट्रेक्ट पर कार्य कर रहे सैकड़ों कर्मियों पर बेरोजगारी की तलवार लटक गई है। अब इसी मामले को लेकर सोमवार भी देशभर से जुटे हजारों कर्मियों ने दिल्ली में इस निर्णय का विरोध भी जताया है। उनका आरोप है कि वह वर्षों से डेयरी फार्म में काम कर अपना जीवन यापन कर रहे हैं, लेकिन एक ही झटके में उन्हें नौकरी से निकाला जा रहा है। अंबाला के अलावा पठानकोट, जालंधर, फिरोजपुर, जम्मू, उद्यमपुर, मेरठ, बरेली, आगरा, झांसी, ग्वालियर, मऊ, जबलपुर, लखनऊ आदि क्षेत्रों में मिलिट्री फार्म बंद किए जा रहे हैं।
अंबाला में सर्वाधिक गाय
अंबाला मिलिट्री फार्म में इस समय 1400 व्यस्क गाय हैं जबकि 1002 बछिया है। इसके अलावा 144 बछड़े भी है। इसके विपरीत जालंधर डेयरी फार्म में 1191 गाय, फिरोजपुर में 576 गाय, पठानकोट में 635 गाय है जिन्हें अब देने की तैयारी सेना कर रही है।
कोट्स
सेना में हर कार्य कायदे व कानून से होता है। जो आरोप लगाए जा रहे हैं वह बेबुनियाद है। सेना प्रशासन द्वारा फार्म बंद करने की कार्रवाई चल रही है और अन्य स्त्रोतों से दुग्ध उत्पादों की आपूर्ति की जाएगी।
कर्नल प्रवीण, आफिसर इंचार्ज, मिलिट्री डेयरी फार्म, अंबाला कैंट।