अंबाला। कपाल मोचन मेले को लेकर शुक्रवार को भी पंजाब से आने वाले श्रद्धालुओं की भीड़ अंबाला छावनी बस अड्डे पर लगी रही। श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए अंबाला डिपो ने कपाल मोचन मेले में सुबह 11 बजे तक अपनी 75 बसें भेज दी।
इस दौरान हरिद्वार, देहरादून, शिमला और चंडीगढ़ के रूट प्रभावित रहे। जिसके कारण अंबाला डिपो की बसें इन रूटों पर नहीं गई। जिसके कारण यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। वहीं रोडवेज के अधिकारियों ने कपाल मोचन मेले से पटियाला के श्रद्धालुओं के लिए 15 बसें लगा दी। यह बसें श्रद्धालुओं को लेकर अंबाला छावनी बस अड्डा पहुंची। इसके बाद सीधे पटियाला के लिए रवाना हो गई।
यमुनानगर में आयोजित कपाल मोचन का मेला 11 नवंबर से चल रहा है जो शुक्रवार 15 नवंबर तक चला। इस मेले में जाने के लेने के लिए पंजाब से लाखों श्रद्धालु आते हैं। जिसमें काफी श्रद्धालु अपने अपने वाहन करके जाते हैं वहीं हजारों की संख्या में श्रद्धालु अंबाला छावनी बस अड्डे आते हैं यहां से हरियाणा रोडवेज की अतिरिक्त बसें इन श्रद्धालुओं को कपाल मोचन के मेले में पहुंचाती हैं। अंबाला डिपो ने पहले दिन अपनी 15 बस, दूसरे दिन 25 बस, तीसरे दिन 56 बस और चौथे दिन सबसे ज्यादा 120 बसें जिन्होंने 150 फेरे लगाए थे। इसी तरह से मेले के पांचवें और अंतिम दिन 75 बसे श्रद्धालुओं को लेकर गई।
वर्जन
शुक्रवार को छावनी बस स्टैंड पर श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए सुबह 11 बजे तक अंबाला डिपो की 75 कपाल मोचन के मेले में भेज दी गई। इसके अलावा मेले से ही पटियाला के श्रद्धालुओं के लिए 15 बसों का संचालन किया।
अजीत सिंह, अड्डा इंचार्ज, अंबाला छावनी बस स्टैंड।