अंबाला। बाल तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में जिला युवा विकास संगठन और आरपीएफ ने संयुक्त अभियान चलाया। कैंट रेलवे स्टेशन पर ट्रेन नंबर 12407 कर्मभूमि एक्सप्रेस से 6 बच्चों को सकुशल रेस्क्यू किया गया। इन बच्चों को पंजाब के विभिन्न शहरों में मजदूरी कराने के उद्देश्य से ले जाया जा रहा था। हालांकि इस दौरान तस्कर काबू नहीं आया।
जिला युवा विकास संगठन के प्रधान परमजीत सिंह बड़ोला ने बताया कि जस्ट राइट फॉर चिल्ड्रन अलायंस के टोल-फ्री नंबर पर उन्हें गोपनीय सूचना मिली थी। सूचना मिलते ही उन्होंने कार्यक्रम समन्वयक अजय तिवारी के नेतृत्व में एक टीम का गठन किया और तुरंत बाल कल्याण समिति, जीआरपी और आरपीएफ अंबाला कैंट को सूचित किया।
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ट्रेन में चेकिंग, बच्चों ने किया खुलासा
संयुक्त टीम ने वीरवार शाम करीब 4:30 बजे ट्रेन में विशेष चेकिंग अभियान चलाया। इस दौरान 6 बच्चों को संदिग्ध अवस्था में पाया गया। पूछताछ में बच्चों ने बताया कि उन्हें पंजाब के अलग-अलग इलाकों में मजदूरी के लिए ले जाया जा रहा था। उनमें से दो बच्चों को लुधियाना में 500 रुपये प्रतिदिन की दिहाड़ी का लालच देकर फंसाया गया था, जबकि अन्य को पटियाला भेजा जा रहा था। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि ये सभी बच्चे मूल रूप से उत्तर प्रदेश और बिहार के रहने वाले हैं।
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सुरक्षित शेल्टर होम भेजे गए बच्चे
रेस्क्यू के बाद बच्चों की काउंसलिंग की गई और उन्हें स्वास्थ्य जांच के बाद बाल कल्याण समिति की चेयरपर्सन रंजिता सचदेवा के समक्ष पेश किया गया। समिति के आदेश पर बच्चों को अंबाला कैंट स्थित ओपन शेल्टर होम भेज दिया गया है। फिलहाल संगठन इन बच्चों के परिजनों से संपर्क करने की कोशिश कर रहा है।