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Ambala News: 53 फीसदी महिलाएं निजी अस्पतालों में करवा रही प्रसव

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अंबाला सिटी। सरकारी अस्पतालों में महिलाओं और बच्चों को मिलने वाली सुविधाओं में सुधार के लिए लाखों रुपए खर्च किए जाते हैं। इसके बाद भी निशुल्क सुविधा छोड़कर महिलाएं निजी अस्पतालों में प्रसव करवाने पहुंच रही हैं। आंकड़ों के अनुसार बीते वर्ष जिले की 53 प्रतिशत महिलाएं निजी अस्पतालों में अपना प्रसव करवाने पहुंची थी जबकि निजी अस्पतालों में प्रसव के लिए हजारों रुपये देने पड़ते हैं। बीते वर्ष के नवंबर माह तक जिले में 11 हजार 415 प्रसव हुए इनमें से 6 हजार सिर्फ निजी अस्पताल में हुए हैं।
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सरकारी संस्थानों में सुधार के लिए लाखों रुपये खर्च किए जा रहे हैं। इसके साथ ही माताओं को दी जाने वाली डाइट में भी सुधार किया गया है। फल व सब्जियों के साथ-साथ डाइट में ड्राई फ्रूट भी दिए जाते हैं।
ग्रामीण क्षेत्रों में सबसे अधिक प्रभाव
ग्रामीण क्षेत्रों में बने स्वास्थ्य केंद्रों में बेहतर सुविधाएं न होने के कारण लोगों को या तो मजबूरन नागरिक अस्पताल का रुख करना पड़ता है या फिर निजी अस्पताल में ही मरीज को दाखिल करवाना पड़ता है। इन क्षेत्रों में नारायणगढ़, शहजादपुर, बराड़ा में भी सेवाएं प्रभावित हैं।
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बीते वर्ष अप्रैल से नवंबर माह तक इतने प्रसव हुए
संस्थान का नाम कुल प्रसव नवंबर माह तक
सिटी नागरिक अस्पताल 2022
छावनी नागरिक अस्पताल 1686
नारायणगढ़ सीएच 410
सीएचसी चौड़मस्तपुर 85
सीएचसी बराड़ा 43
सीएचसी मुलाना 73
सीएचसी शहजादपुर 253
पीएचसी बिहटा 49
पीएचसी बोह 28
पीएचसी माजरी 35
पीएचसी नग्गल 55
पीएचसी नूरपुर 24
पीएचसी पंजोखरा 32
पीएचसी नहोनी 14
पीएचसी साहा 25
पीएचसी समलेहड़ी 29
पीएचसी अंबली 49
पीएचसी कुराली 20
पीएचसी पतरेहड़ी 38
अन्य सरकारी संस्थान 382
एमएम अस्पताल मुलाना 1647
निजी अस्पताल 4416
अप्रैल से लेकर नवंबर 2024 तक जिले में कुल 11415 प्रसव हुए हैं।
ऑपरेशन के केस भी बढ़ रहे
जिले के कुल प्रसव में से 4 हजार 795 मामलों में ऑपरेशन के जरिये प्रसव करवाया गया है। आंकड़ों को देखें तो तो लगभग 45 प्रतिशत मामलों में ऑपरेशन किया गया है जबकि 6 हजार 620 प्रसव सामान्य रूप से करवाए गए हैं।
हमारी ओर से व्यवस्थाओं को सुधारने का पूरा प्रयास किया जाता है। एमएम अस्पताल के साथ विभाग का अनुबंध है। इस कारण भी गर्भवती वहां जाना पसंद करती हैं। नारायणगढ़ अस्पताल में भी प्रसव के लिए सुविधाएं बेहतर करवाई जा रही हैं। हाल ही में वहां पर मशीन भी उपलब्ध करवाई गई है। इससे महिलाओं को ऑपरेशन करवाने के लिए निजी अस्पतालों में न जाना पड़े।
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डॉ़ विपिन भंडारी, नोडल अधिकारी एनएचएम।
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