एमआर (मोनू राणा) और बीआर (भूप्पी राणा) ग्रुप में रंजिश के चलते सीआईए-नारायणगढ़ की कस्टडी में नाबालिग की हत्या की कोशिश और लूट के दो केस का वीरवार को फैसला सुनाया गया। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायालय ने 2017 में पंजोखरा थाने में दर्ज पहले केस नंबर-35 में पकड़े गए सभी दस आरोपियों को धारा 307 में तो बरी कर दिया, लेकिन इसी केस में लगाई गई आर्म्स एक्ट की धारा में कैथल के कलायत वासी अनुज और उत्तर प्रदेश के शामली वासी पंकज तथा अमित मलिक को दोषी मानते हुए तीन-तीन साल की सजा के साथ 50 हजार रुपये का जुर्माना लगाया। मामले में सात आरोपियों अमित गुर्जर, अंकुश, वैंकेट, राहुल, साहिल, सुभाष, रामपाल को भी बरी कर दिया गया।
वहीं शहजादपुर थाने में दर्ज लूट के दूसरे केस नंबर-44 में कोर्ट ने अंकुश, राहुल, वैंकेट, अमित, साहिल और पंकज को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया। इससे पहले सात अप्रैल को दो आरोपियों के कोर्ट में पेश न हो पाने के कारण अदालत ने फैसला 15 अप्रैल तक टाल दिया था।
यह थी पंजोखरा की घटना
करीब चार साल पूर्व पंजोखरा में दर्ज केस में सीआईए-नारायणगढ़ के एएसआई सतनाम सिंह ने कहा था कि मैं साहिल को शहजादपुर में पेपर दिलाने गया था। लौटते समय जब मैं पंजोखरा इलाके में गुजर रहा था तब एक कार ने मेरी कार में टक्कर मारी, जिससे कार क्षतिग्रस्त हो गई और आरोपी चालक कार लेेकर भाग गया था। तफ्तीश में खुलासा हुआ था कि यमुनानगर कोर्ट में मोनू राणा पर हुए हमले में शामिल साहिल को मारने की यह साजिश थी। इस मामले में अमित गुर्जर, अंकुश, वैंकेट, राहुल, साहिल, पंकज, सुभाष, रामपाल, अनुज, कुलदीप और अमित मलिक पकड़े गए थे। साथ ही पुलिस ने आरोपियों के पास से अवैध असलहे बरामद किए थे।
शहजादपुर की घटना
उसी साल कोड़वा खुर्द का सतविंद सिंह खाना खाने के बाद घर आए साले महेंद्र को लेकर बाजार घूमने गया था। महेंद्र कार में बैठ गया जबकि सतविंद इधर-उधर टहलता रहा। शोर सुनकर जब वह कार के पास गया तो कुछ लोग महेंद्र को मार रहे थे, बीच-बचाव में उसे भी मारा, उसके बाद कार छीनकर ले गए थे। अंकुश, राहुल, वैंकेट, अमित, साहिल, पंकज को पकड़ा गया था।
कोर्ट परिसर पुलिस छावनी में रहा तब्दील
करीब तीन सप्ताह पूर्व कालका चौक पर गैंगवार में दो लोगों की हत्या के बाद वीरवार को उक्त मामले की सुनवाई के दौरान कोर्ट परिसर पुलिस छावनी में तब्दील रहा। चौक-चौराहे पर भी पुलिस सतर्क रही।