अंबाला। कालका से बद्दी तक लगभग 31 किलोमीटर लंबी रेललाइन की योजना के तहत 27 प्रतिशत तक का पूरा कर लिया है। बद्दी के नजदीक ऊंचाई और नीचे के क्षेत्रों को देखते हुए कुछ आंशिक बदलाव की योजना पर भी मंथन चल रहा है। इससे ट्रेन के संचालन में किसी प्रकार की बाधा नहीं आएगी।
इसकी जिम्मेदारी अभियांत्रिकी विभाग को सौंपी गई है, जिससे कि समय रहते इस संबंध में कार्यवाही की जा सके। इस परियोजना से जुड़े भूमि अधिग्रहण से लेकर अन्य सभी काम पूरे कर लिए गए हैं। जबकि संबंधित एजेंसी को नए रेलवे स्टेशन, पुल, स्टाफ क्वार्टर, छोटे पुल व प्लेटफार्म के निर्माण के लिए निविदाएं प्रदान की जा चुकी हैं और इनका कार्य भी प्रगति पर है।
चंडी मंदिर से बद्दी तक जाएगी रेल लाइन
चंडी मंदिर से बद्दी तक बिछाई जाने वाली रेल लाइन की योजना 2007 में घोषित हुई थी। इसके बाद हरियाणा सहित हिमाचल में भूमि अधिग्रहण को लेकर प्रक्रिया चलती रही। इस परियोजना के तहत वर्ष 2022 में टेंडर को लेकर प्रक्रिया आरंभ की गई। परियोजना की कुल लागत लगभग 1540 करोड़ है। इस योजना पर काम भी शुरु हो चुका है। वहीं पिछले वित्तीय वर्ष इस परियोजना के लिए 452.50 करोड़ रुपये का आवंटन हुआ था। हालांकि मौजूदा समय में कितनी राशि केंद्र सरकार द्वारा जारी की गई है, अभी इसकी जानकारी सामने नहीं आई है।
मिलेगा राजस्व, बढ़ेगा रोजगार
चंडीगढ़ और बद्दी के बीच सीधा रेल लाइन का संपर्क होने से रेलवे के राजस्व में भी काफी वृद्धि होगी। वहीं व्यापारियों को भी इससे काफी राहत मिलेगी। बद्दी में स्थित बड़ी कंपनियों का इस रेल लाइन का सीधा फायदा मिलेगा और सड़क मार्ग से भेजे जाने वाले सामान के जोखिम व एक बड़ी राशि के भुगतान से वो बच जाएंगे। वहीं मालगाड़ी के माध्यम से उनका सामान देश में कहीं भी सुरक्षित व कम खर्च पर भेजा जा सकेगा।
2026 में पूरा होगा काम
चंडीगढ़ से बद्दी के बीच 12 किलोमीटर लंबा एलिवेटेड ट्रैक बनाने के लिए लेवलिंग का काम शुरू हो गया है। चंडीगढ़ से बद्दी तक निर्माणाधीन रेल ट्रैक का एक किलोमीटर का हिस्सा करीब 52 फीट ऊंचा होगा। ट्रैक कुछ स्थानों पर न्यूनतम 25 फीट तक ऊंचा रखा गया है। शेष काम को 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
वर्जन
चंडीगढ़ से बद्दी तक लगभग 31 किमी लंबी रेल लाइन बिछाने का कार्य चल रहा है और इसका 27 प्रतिशत तक काम पूरा हो चुका है। इसके अलावा भूमि अधिग्रहण का कार्य भी पूरा कर लिया गया है। कुछ आंशिक बदलाव को लेकर योजना है ताकि ट्रेन के संचालन में किसी प्रकार की बाधा न आए।
विनोद भाटिया, डीआरएम अंबाला।