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प्राइवेट छोड़ 2151 छात्रों ने थामा सरकारी स्कूलों का दामन

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सरकारी स्कूलों पर लगातार गिर रही छात्र संख्या को कोरोना ने पूरा करने का काम किया। 2020-2021 के सत्र में रिकार्ड 2151 छात्रों ने प्राइवेट स्कूलों का मोह छोड़ कर सरकारी स्कूल का दामन थामा है। इसमें सबसे ज्यादा 397 छात्र 11वीं कक्षा के हैं। इसमें भी अंबाला वन ब्लॉक ने अव्वल स्थान हासिल किया है। इसमें सबसे अधिक 722 छात्रों ने प्राइवेट स्कूल छोड़ा है। बेशक शिक्षा विभाग इसको लेकर अपनी पीठ थपथपा रहा है, लेकिन प्राइवेट स्कूल छोड़कर सरकारी में जाने का बड़ा कारण कोरोना को माना जा रहा है। कोरोना के चलते प्राइवेट और सरकारी दोनों स्कूल नहीं खुले। ऐसे में अभिभावकों ने समझदारी दिखाते हुए फीस बचाने के लिए बच्चों का दाखिले सरकारी स्कूलों में करवा दिया। -संवाद
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हकीकत : बेशक प्राइवेट स्कूल दावा कर रहे हैं कोरोना में फीस बचाने के कारण बच्चे सरकारी में चले गए। लेकिन हकीकत यह है कि वर्ष 18-19 में जिले के सरकारी स्कूलों में करीब 3110 विद्यार्थी प्राइवेट से आए थे। इसमें अंबाला ब्लॉक में ही करीब एक हजार छात्र प्राइवेट स्कूलों से आए थे। इसके बाद 2019-20 में प्राइवेट से सरकारी स्कूलों की तरफ करीब 2200 विद्यार्थी आए।
सरकारी में आने का कारण : जिले में इस बार 10वीं और 12वीं के पहले तीन टॉपर सरकारी स्कूलों के होनहार ही रहे। इसके अलावा पिछले तीन सालों में अंबाला के सरकारी स्कूलों का परिणाम भी सुधरा है। प्राइवेट स्कूल की तर्ज पर इंफ्रास्ट्रक्चर और वर्चुअल क्लास रूप की सुविधा के चलते सरकारी स्कूलों की तरफ रुझान बढ़ा है।
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किस ब्लॉक में कितनी बढ़ी संख्या
ब्लॉक बराड़ा:- पहली कक्षा में 41, दूसरी कक्षा में 28, तीसरी कक्षा में 26, चौथी कक्षा में 18, पांचवीं कक्षा में 17, छठी कक्षा में 35, सातवीं कक्षा में 20, आठवीं कक्षा में 14, नौंवीं कक्षा में 14, दसवीं कक्षा में 5, 11वीं कक्षा में 37 और 12वीं कक्षा में 3 और कुल 258 छात्र शिफ्ट हुए।
ब्लॉक अंबाला वन :- पहली कक्षा में 113, दूसरी कक्षा में 83, तीसरी कक्षा में 66, चौथी कक्षा में 49, पांचवीं कक्षा में 47, छठी कक्षा में 56, सांतवीं कक्षा में 44, आठवीं कक्षा में 17, नौंवी कक्षा में 58, दसवीं कक्षा में 9, 11वीं में 179 और 12वीं में 1 और कुल 722 छात्र शिफ्ट हुए।
ब्लॉक अंबाला टू :- पहली कक्षा में 53, दूसरी कक्षा में 40, तीसरी कक्षा में 36, चौथी कक्षा में 31, पांचवीं कक्षा में 30, छठी कक्षा में 55, सांतवीं कक्षा में 17, आठवीं कक्षा में 14, नौंवी कक्षा में 47, दसवीं कक्षा में 8, 11वीं में 17 और 12वीं में 34 और कुल 382 छात्र शिफ्ट हुए।
ब्लॉक शहजादपुर :- पहली कक्षा में 29, दूसरी कक्षा में 52, तीसरी कक्षा में 32, चौथी कक्षा में 34, पांचवीं कक्षा में 27, छठी कक्षा में 60, सातवीं कक्षा में 29, आठवीं कक्षा में 19, नौंवी कक्षा में 35, दसवीं कक्षा में 17, 11वीं में 128 और 12वीं में 3 और कुल 465 छात्र शिफ्ट हुए।
ब्लॉक नारायणगढ़ :- पहली कक्षा में 26, दूसरी कक्षा में 38, तीसरी कक्षा में 25, चौथी कक्षा में 25, पांचवीं कक्षा में 19, छठी कक्षा में 33, सातवीं कक्षा में 15, आठवीं कक्षा में 11, नौंवी कक्षा में 28, दसवीं कक्षा में 10, 11वीं में 28 और 12वीं में 7 और कुल 265 छात्र शिफ्ट हुए।
ब्लॉक साहा :- पहली कक्षा में 5, दूसरी कक्षा में 3, तीसरी कक्षा में 4, चौथी कक्षा में 6, पांचवीं कक्षा में 1, छठी कक्षा में 11, सातवीं कक्षा में 1, आठवीं कक्षा में 07, नौंवी कक्षा में 12, दसवीं कक्षा में 0, 11वीं में 8 और 12वीं में 1 और कुल 59 छात्र शिफ्ट हुए।
लॉकडाउन के कारण अधिकतर अभिभावकों ने इस लिए सरकारी स्कूलों में एडमिशन करवा दी। जिससे उन्हें अधिक फीस नहीं देनी पड़ी। लॉकडाउन के कारण कई लोगों का रोजगार भी खत्म हो गया था। परंतु जैसे-जैसे स्कूल खुलेंगे तो छात्रों की संख्या में पहले से ज्यादा इजाफा होगा।
- सौरभ कपूर, अध्यक्ष, इंटीग्रेटेड प्राइवेट स्कूल सोसायटी
कोरोना काल में भी अध्यापकों ने मेहनत की है। उन्होंने छात्रों और उनके अभिभावकों को सरकारी स्कूल में मिल रही सुविधाओं के बारे में बताया। जिससे प्रेरित होकर प्राइवेट स्कूल में पढ़ाई कर रहे छात्रों ने सरकारी स्कूल में दाखिला लिया है। पिछले कई साल से सरकारी स्कूलों में प्राइवेट छोड़कर बच्चे आ रहे हैं।
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- सुरेश कुमार, डीईओ, अंबाला
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