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सुनने व बोलने में असमर्थ बच्चों का होगा निशुल्क होगा इलाज

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सुनने और बोलने में असमर्थ बच्चों का होगा निशुल्क इलाज
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अमर उजाला ब्यूरो
अंबाला सिटी।
उपायुक्त एवं जिला रेडक्रास सोसायटी की चेयरपर्सन शरणदीप कौर बराड़ ने बताया कि 0 से 5 साल तक के ऐसे बच्चे, जो सुनने और बोलने में असमर्थ हैं, उनका सरकार द्वारा इलाज कराया जाएगा। उन्होंने बताया कि ऐसे परिवार जिनकी मासिक आय 15 हजार रुपये तक है, उनके बच्चों के इलाज का पूरा खर्च सरकार वहन करेगी। जबकि 15 हजार से 20 हजार रुपये मासिक आय वाले लोगों के ऐसे बच्चों के इलाज के लिए आधा खर्च परिजनों को स्वयं वहन करना होगा। उपायुक्त ने बताया कि ऐसे बच्चों के इलाज पर औसतन 10 से 12 लाख रुपये खर्च आता है। मंहगा इलाज होने के कारण गरीब व मध्यम वर्गीय परिवार यह इलाज नहीं करवा पाते थे। अब सरकार ने ऐसे लोगों को राहत देते हुए आय सीमा निर्धारित कर निशुल्क और आधे खर्च पर इलाज की सुविधा प्रदान की है। उपायुक्त बराड़ ने कहा कि ऐसे बच्चों के अभिभावक जिला रेडक्रास सोसायटी के कार्यालय में अपने आवास, बच्चे की आयु तथा आय के प्रमाणों के साथ संपर्क कर सकते हैं और वहां से बच्चे के इलाज के लिए रेडक्रास कर्मचारी ऑनलाइन आवेदन भी निशुल्क करवाएंगे।
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यह है तकनीक
सरकार ने सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय के माध्यम से ऐसे बच्चों के इलाज के लिए एडिप योजना आरंभ की है, जिसके तहत फरीदाबाद के एक अस्पताल में सुनने और बोलने में असमर्थ बच्चों के शरीर में एक उपकरण इंपलांट किया जाता है। यह उपकरण काफी मंहगा है और इलाज की प्रक्रिया भी मंहगी होने के कारण 10 से 12 लाख रुपये खर्च होते हैं।
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