बीपी, हृदय और मधुमेह से घिरे लोगों की घर-घर जाकर पहचान करेगा स्वास्थ्य विभाग
अमर उजाला ब्यूरो
अंबाला कैंट।
स्वास्थ्य विभाग की ओर से गैर संचारी रोग रोकथाम कार्यक्रम के तहत ग्रामीण क्षेत्र में घर-घर जाकर बीपी, हृदय रोग और मधुमेह जैसे रोगों से घिरे लोगों की पहचान की जाएगी। इस अभियान के तहत पहचान किए किए लोगों को इलाज के लिए सिविल अस्पताल अंबाला शहर, छावनी और नारायणगढ में विशेषज्ञों के पास ले जाया जाएगा।
सिविल सर्जन डॉ. विनोद गुप्ता ने बताया कि गांव में रहने वाले 30 साल से अधिक आयु के महिला-पुरुषों की शुगर, उच्च रक्तचाप और गंभीर रोगों की प्रारंभिक जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि तंबाकू और शराब के सेवन, अधिक तनाव, अत्यधिक वजन और अस्वस्थ भोजन के कारण व्यक्ति उच्च रक्तचाप, हृदय संबंधी रोग, मधुमेह और अन्य गंभीर रोगों की चपेट में आ जाता है। उन्होंने कहा कि ऐसे रोगियों की संख्या दिन-प्रतिदिन बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि विभाग द्वारा गांव स्तर पर ऐसे रोगियों की पहचान करके राजकीय अस्पतालों में विशेषज्ञों के माध्यम से उनका निशुल्क इलाज किया जाएगा।
उप सिविल सर्जन डॉ. संगीता गोयल ने बताया कि जनसंख्या आधारित गैर संचारी रोग (एनसीडी) की प्रारंभिक जांच के लिए आशा कार्यकर्ताओं और एएनएम को प्रशिक्षित किया गया है। उन्होंने कहा कि एएनएम गांव-गांव तथा आशा कार्यकर्ता घर-घर जाकर ऐसे मरीजों की जांच कर रही हैं। उसके बाद जो व्यक्ति उपरोक्त बीमारियों से पीड़ित पाया जायेगा उसका इलाज राजकीय अस्पतालों में किया जायेगा। उन्होंने जनसाधारण से अपील भी की है कि गैर संचारी रोगों की जांच स्वास्थ्य केंद्रों पर जाकर करवाएं ताकि इन रोगों की पहचान प्रारंभिक स्तर पर करके इनका शीघ्र इलाज किया जा सके। उप सिविल सर्जन ने बताया कि यह जांच केवल 30 वर्ष से ऊपर आयु वर्ग के पुरुष और महिलाओं की जाएगी।