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खतरा : अंबाला में साल एचआईवी पॉजीटिव दो सौ के पार

Sun, 01 Dec 2013 04:44 PM IST
अंबाला
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अंबाला जिला में एचआईवी का खतरा अभी टला नहीं है। इस साल अक्तूबर तक 203 लोग एचआईवी पॉजीटिव मिले हैं। यानी हर माह करीब 20 लोग एचआईवी की चपेट में आ रहे हैं।
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इस साल अक्तूबर तक 32185 लोगों की एचआईवी जांच की गई, जिनमें से 203 मरीज मिले हैं। इन में से 1158 पुरुषों ने जहां जांच करवाई, वहीं 6461 महिलाओं ने जांच करवाई, जबकि 14166 गर्भवती महिलाओं की भी जांच की गई।

जिला में एचआईवी/एड्स के लिए जागरूकता तो फैलाई जा रही है, लेकिन फिर भी इसके मरीज सामने आ रहे हैं। वर्ष 2013 में अक्तूबर तक ही 203 मरीज इसकी चपेट में आ चुके हैं। विभाग के आंकड़ों पर गौर करें तो यह पता चलता है कि स्थिति अभी तक नहीं सुधरी है और इस में काफी कुछ किया जाना बाकी है।
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इन 203 मरीजों की एडवांस जांच चल रही है, ताकि यह तय किया जा सके कि इनको दवाइयाें की जरूरत है या नहीं। यही कारण है कि यह मरीज अभी एआरटी में रजिस्टर्ड नहीं किए गए हैं।

एचआईवी/पॉजीविट मरीजों का सीडी-4 काउंट टेस्ट किया जाता है। इसी के आधार पर यह तय होता है कि मरीज को दवा की जरूरत है या नहीं।


यह है सीडी-4 टेस्ट
एचआईवी पीड़ितों की सीडी-4 टेस्ट किया जाता है। यह ब्लड टेस्ट है, जिसके जरिये पता किया जाता है कि सीडी-4 काउंट ब्लड में कितना है। नार्मल व्यक्ति में यह काउंट 1000-1200 तक होता है। लेकिन एचआईवी मरीज के लिए जरूरी है कि यह काउंट टेस्ट 350 तक रहे।

यदि सीडी-4 काउंट टेस्ट 350 से नीचे जाता है, तो मरीज को दवाओं की आवश्यकता होती है अन्यथा एक्सरसाइज और डाइट से व्यक्ति स्वस्थ रह सकता है। अंबाला शहर सिविल अस्पताल में सीडी-4 काउंट टेस्ट के लिए व्यवस्था की गई है। यहीं पर मरीज का ब्लड सैंपल लिया जाता है और पीजीआई भेजा जाता है और विभाग ही इस रिपोर्ट को वापस स्वयं लेता है।

सभी टीबी मरीजों का होगा टेस्ट
स्वास्थ्य विभाग की मानें, तो सभी टीबी मरीजों का एचआईवी टेस्ट करवाना जरूरी किया जा रहा है। इसके तहत जिला के 12 डेजिग्नेटिड माइक्रोस्कोपिक सेंटरों में से 8 पर एचआईवी टेस्टिंग सुविधा है, जबकि चार पर नहीं है। इन पर भी जल्द ही स्वास्थ्य विभाग एचआईवी जांच की सुविधा शुरू करने जा रहा है।

29 मरीज कहां गए, पता ही नहीं
स्वास्थ्य विभाग के आंकड़े बताते हैं कि एआरटी सेंटरों में एचआईवी/एड्स के 185 मरीज रजिस्टर्ड हैं, लेकिन इन सेंटरों से दवा सिर्फ156 मरीज ही ले रहे हैं।

विभाग भी मानता है कि इन शेष बचे 29 मरीज कहां पर हैं उनका पता नहीं। विभाग मानता है कि इन में से कुछ की या तो मौत हो गई है या फिर सामाजिक कारणों के चलते अंबाला से चले गये हैं।

पांच बच्चों की जिंदगी बचाई
स्वास्थ्य विभाग ने ऐसे पांच बच्चों की जिंदगी बचाई, जिनकी मां एचआईवी पॉजीटिव हैं। स्वास्थ्य विभाग ने इन गर्भवती महिलाओं की जब जांच की तो पता चला कि उनको एचआईवी है। इस पर स्वास्थ्य विभाग ने उनका इलाज शुरू किया और जब उनकी डिलीवरी हुई, तो इन नवजात बच्चों की भी एचआईवी जांच हुई। इस जांच में साफ हो गया कि इन बच्चों को एचआईवी नहीं है।

यह कहते हैं डिप्टी सिविल सर्जन
डिप्टी सिविल सर्जन डा. विवेकशील मल्होत्रा ने बताया कि इस साल अक्तूबर तक 203 लोग एचआईवी पॉजीटिव मिले हैं। इन पर नजर रखी जा रही है और हर छह माह बाद इनका सीडी-4 काउंट टेस्ट किया जा रहा है।
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इसी तरह टीबी के मरीजों का भी शत प्रतिशत एचआईवी जांच करवाई जाएगी। विभाग कोशिश कर रहा है कि लोगों को इस बीमारी व बचाव के बारे में जागरूक किया जाए।
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