डीजी के खिलाफ लामबंद हुई रोडवेज यूनियन
अमर उजाला ब्यूरो
अंबाला कैंट। महानिदेशक के अड़ियल रवैये से खफा रोडवेज यूनियन लामबंद हो गई। कर्मचारियों ने भड़ास निकालने के लिए राज्यभर के डिपो में 29 जून को डीजी का पुतला फूंकने का निर्णय लिया है, जिसको लेकर मीटिंगों का दौर चल रहा है। बताया जा रहा है कि रोडवेज कर्मी 15 जुलाई को करनाल में प्रदर्शन करते हुए मुख्यमंत्री मनोहर लाल को हस्ताक्षर अभियान की कॉपियां सौंपी जाएगी।
वहीं सोमवार को रोडवेज कर्मचारी यूनियन हरियाणा संबंधित हरियाणा कर्मचारी महासंघ की डिपो कार्यकारिणी की मीटिंग कैंट बस स्टेंड पर उप प्रधान बिजेंद्र की अध्यक्षता में हुई व संचालन सतपाल दहिया ने किया। प्रदेश प्रवक्ता जयबीर घणघस ने कहा कि परिवहन मंत्री व महानिदेशक परिवहन के वादा खिलाफी के विरोध में 29 जून को डीजी का पुतला फूंका जाएगा। 15 जुलाई को करनाल में प्रदर्शन करते हुए मुख्यमंत्री मनोहर लाल को हस्ताक्षर अभियान की कॉपियां सौंपी जाएगी। जिसके बाद आगामी आंदोलन की घोषणा की जाएगी।
सहमति बनी मांगों से मुकरी सरकार : घणघस
प्रदेश प्रवक्ता जयवीर घणघस ने कहा कि सरकार कर्मचारियों का शोषण कर रही है। बेलगाम हुए रोडवेज अफसरों पर लगाम नहीं कस रही। हर बार केवल कर्मचारियों को ही दोषी ठहराया जाता है। घणघस ने बताया कि रोडवेज यूनियनों की सरकार से कई मांगों पर सहमति बनी थी, उनमें 1992 से 2002 के चालकों व परिचालकों को नियुक्ति तिथि से पक्का करना, कर्मशाला के वंचित कर्मचारियों को तकनीकी स्केल देना, ठेके पर 550 बसों लेने की पॉलिसी को वापस लेकर विभाग में दस हजार और नई बसों को खरीदना तथा 1995 की पुरानी एक्सग्रेसिया पॉलिसी, पुरानी पेंशन योजना को लागू करना, निजीकरण व ठेका प्रथा बंद करना था, लेकिन सरकार अब इन्हें लागू करने में आनाकानी कर रही है, जिससे रोडवेज कर्मचारी नाराज हैं। मीटिंग में देवेंद्र पाल सिंह, सुनील नरवाल, राजेंद्र सोलंकी, तेजबीर, ऋषि, सुनील, इशांत, आनंद, धर्मबीर शर्मा, सुरेश नेहरा, सुनील कलोदा, राजेश मकड़ौली व सुनील सैनी शामिल थे।