भारत-तिब्बत सहयोग मंच द्वारा कैलाश मानसरोवर यात्रा को चीन से मुक्त कराने के लिए चलाए गए अभियान की शुरुआत हुई, संकल्प पत्र पर सबसे पहले बीजेपी मंत्री ने साइन किए। मंच के प्रांतीय महामंत्री अरुण जोशी ने स्वास्थ्य मंत्री के निवास पर पहुंच कर उनसे हस्ताक्षर करवाकर अभियान की शुरुआत की।
इस अवसर पर उनके साथ हस्ताक्षर करवाने वालो में प्रधान नरिंदर कुमार, उपाध्यक्ष सोनम, नरेश, यश, प्रधान नरिंद्र, गोपी सहगल व अन्य शामिल रहे। अनिल विज ने भारत-तिब्बत सहयोग मंच द्वारा चलाए जा रहे इस अभियान की सराहना की और सफलता के लिए आशीर्वाद दिया।
मंच के प्रांत महामंत्री अरुण जोशी ने बताया कि भारत तिब्बत सहयोग मंच का उद्देश्य एवं हस्ताक्षर अभियान हर हाल में चीन से तिब्बत की स्वतंत्रता है। इस समय कैलाश मानसरोवर चीन के कब्जे में है। भारत के प्रधानमंत्री को इस संबंध में हस्ताक्षर करवा कर बताया जाएगा कि हिंदुओं का धार्मिक स्थल कैलाश मानसरोवर चीन के कब्जे में हैं।
जहां पर जाने के लिए कई कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। अरुण जोशी ने बताया कि यह अभियान पूरे भारतवर्ष में चलाया जा रहा है। प्रधानमंत्री द्वारा जो समय-समय पर चीन को करारा जवाब दिया जा रहा है, उसको देखकर लगता है कि वह तिब्बत को स्वतंत्र कराने के साथ ही कैलाश मानसरोवर की यात्रा के लिए भी अच्छा प्रयास करेंगे।
वर्ष के अंत में संकल्प पत्र पर देश के कोने-कोने से लोगों के हस्ताक्षर करवा कर मंच के मार्गदर्शक इंद्रेश कुमार मंच के संरक्षक कुलदीप चंद अग्निहोत्री व राष्ट्रीय अध्यक्ष भगत सिंह कोश्यारी के नेतृत्व में राष्ट्रपति को संकल्प पत्र वर्ष के अंत में सौंपे जाएंगे।