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Ambala News: 18 स्कूलों पर ताला, एक पर केस की तैयारी

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अंबाला सिटी। जिला मौलिक शिक्षा विभाग की सख्ती और कड़े तेवरों के चलते जिले में चल रहे 18 गैर मान्यता प्राप्त स्कूलों पर ताला लग गया है। जबकि एक गैर मान्यता प्राप्त स्कूल के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के लिए विभागीय अनुमति का इंतजार है।
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जिले के 40 गैर मान्यता प्राप्त स्कूलों की स्टेटस रिपोर्ट सभी खंड शिक्षा अधिकारियों ने जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी को सौंप दी है। जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी सुधीर कालड़ा की तरफ से चार अप्रैल को 33 गैर मान्यता प्राप्त स्कूलों की एक सूची जारी करते हुए खंड शिक्षा अधिकारियों को इन स्कूलों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए थे।
इसके साथ साथ अभिभावकों को भी आगाह किया था कि गैर मान्यता प्राप्त स्कूलों में अपने बच्चों का दाखिला करवा कर वे उनके भविष्य के साथ खिलवाड़ न करें।
स्कूलों को दिया था मौका
इन गैर मान्यता प्राप्त स्कूलों को भी तर्कसंगत दस्तावेजों के आधार पर अपना पक्ष रखने का मौका दिया था। सभी बीईओ को ये भी निर्देश दिए थे कि चिह्नित 33 गैर मान्यता प्राप्त स्कूलों के अतिरिक्त भी यदि कोई अन्य गैर मान्यता प्राप्त स्कूल चलता पाया जाता है तो उस पर कार्रवाई करते हुए जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय को नवीनतम रिपोर्ट से अवगत कराएं। इन निर्देशों के अनुसार स्कूलों का निरीक्षण और सारी कार्रवाई करने के बाद बीईओ ने पहले से चिन्हित 33 स्कूलों के अतिरिक्त सात अन्य स्कूलों को मिलाकर कुल 40 स्कूलों की रिपोर्ट जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी को सौंप दी है।
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अनधिकृत रूप से चल रहे थे स्कूल
विभाग की ओर से चिह्नित 40 स्कूलों में से 19 स्कूल गैर विधि सम्मत पाए गए या तो पूरे के पूरे अनाधिकृत रूप से चल रहे थे या जो कक्षा पांच तक मान्यता प्राप्त थे। मगर अनधिकृत रूप से आठवीं कक्षा तक चलाए जा रहे थे। बीईओ की रिपोर्ट अनुसार ऐसे 18 स्कूलों को बंद करा दिया है, जबकि एक गैर मान्यता प्राप्त स्कूल के लिए निदेशालय के निर्देशों की लगातार अवहेलना किए जाने और आरटीई एक्ट की धारा 18 की अनुपालना न करने पर एफआईआर दर्ज करवाने के लिए विभागीय अनुमति का इंतजार है। शेष सभी या तो वर्तमान में प्ले वह हैं या उन स्कूलों के मामले निदेशालय में विचाराधीन हैं।
तय की अधिकारियों की जिम्मेदारी
जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी सुधीर कालड़ा ने बताया कि विभागीय नियमानुसार जिन अनधिकृत स्कूलों को या जिन मान्यता प्राप्त स्कूलों में चल रही अनधिकृत कक्षाओं को बंद कराया गया है। उन स्कूलों में थोड़े अंतराल के बाद औचक निरीक्षण के लिए खंड शिक्षा अधिकारियों और संकुल मुखियों को बोला गया है। अब यदि किसी भी निजी स्कूल में अनधिकृत कक्षाएं लगती पाई गईं तो इसकी जिम्मेदारी संबंधित संकुल मुखिया और बीईओ की होगी। वह ऐसे स्कूलों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई अमल में ला सकते हैं।
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