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दंपति को 7

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दंपति को 786 नंबर की दीवानगी, कलाम बुक ऑफ रिकॉर्ड में नाम दर्ज
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फोटो नंबर-----25
26वीं सालगिरह से एक दिन पहले दंपति को मिले पत्र ने दोगुनी की खुशी
पति को रेलवे रिजर्वेशन टिकट पर 6 बार 786 नंबर अंकित होने पर मिला सम्मान
पत्नी को 10 रुपये के 000786 से 999786 के कुल 1000 नोट इकट्ठा करने पर अवार्ड
अमर उजाला ब्यूरो
अंबाला कैंट। जुनून और शौक मिल जाए तो इंसान कुछ नया कर जाता है। कुछ ऐसा ही किया है रोहतक निवासी राज सिंह दहिया और उनकी पत्नी जयवंती दहिया ने। 786 नंबर को लेकर उनकी दीवानगी ही है कि उनके पास इस नंबर के एक हजार से ज्यादा के नोट हैं। इसी कारण इस दंपति का नाम ‘कलाम बुक ऑफ रिकॉर्ड’ में दर्ज हो गया है। यही नहीं शादी की 26वीं सालगिरह से एक दिन पहले प्राप्त इस पत्र से उनकी सालगिरह की खुशी दोगुनी हो गई है। दंपति की सालगिरह 4 दिसंबर को है।
राज सिंह रेलवे में गार्ड मेल-एक्सप्रेस पद पर कालका में कार्यरत हैं। वह स्थायी तौर पर आजाद नगर, रोहतक के निवासी हैं। उन्होंने 20 अगस्त 1991 को बतौर गार्ड अंबाला में ज्वाइन किया। सन 1993 में एक साल सहारनपुर, 1994 से 2014 तक बठिंडा में कार्य किया। सन 2014 में पदोन्नत होकर कालका में आए। उन्होंने बताया कि उन्हें रेलवे में पहले वेतन में नये नोट मिलते थे और लगभग हर तनख्वाह पर 10 रुपये के नये नोट का पैकेट 786 नंबर वाला ले लेते थे। उनकी पत्नी जयवंती दहिया 786 वाला नोट अलग से रख लेती थीं। सन 2012 में उनके बेटे जयराज दहिया की माचिस संग्रह की प्रदर्शनी देखकर हमने भी संग्रह करने की सोची। जयवंती ने इसका संग्रह जुनून के साथ किया। इसमें उनकी मदद दोस्तों, परिवार वालों व उनके पति राज सिंह दहिया ने भी की और उनके पास 000786 से 999786 के कुल 1000 से ज्यादा नोट इकट्ठा हो गए। इसी संग्रह की वजह से उनका नाम ‘कलाम बुक ऑफ रिकॉर्ड’ में दर्ज हुआ। जयवंती ने बताया कि वह एक गृहिणी हैं और उनके दो बच्चे बेटा जयराज दहिया और एक बेटी कनिश्का हैं। जयराज दहिया का नाम भी 2017 में अपने पिता के साथ लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड में दर्ज हो चुका है।
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अनोखी रिजर्वेशन टिकट
राज सिंह के पास एक अनोखी रेलवे रिजर्वेशन टिकट है जिस पर 6 बार 786 अंकित है। ट्रेन नंबर, किलोमीटर नंबर, रेलवे पास का सीरियल नंबर, विंडो नंबर, टिकट का आखिरी तीन नंबर, फ्लैश नंबर 786 होने के कारण उनका भी नाम कलाम बुक ऑफ रिकॉर्ड में दर्ज हुआ है। उन्होंने बताया कि इस टिकट को प्राप्त करने में लगभग ढाई साल लग गए।
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राज सिंह के नाम कई अन्य रिकार्ड भी हैं दर्ज
राज सिंह दहिया का नाम कोहिनूर बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड, यूनीक बुक ऑफ वर्ल्ड रिकार्ड और लगातार तीन बार लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में दर्ज हो चुका है। उन्होंने बताया कि उन्हें खुशी है कि वह रेलवे में हैं और रेलवे की टिकटों का संग्रह करके रिकॉर्ड बनाया है। उनकी इस उपलब्धि से रेलवे कर्मचारियों व अधिकारियों में भी खुशी का माहौल है। इसके लिए डीआरएम अंबाला ने 2017 में ‘डीआरएम’ अवार्ड से सम्मानित भी किया तथा रेलवे की मैग्जीन में भी राज सिंह दहिया को स्थान प्राप्त करने का सौभाग्य मिला है। राज सिंह द्वारा हरियाणा, पंजाब और चंडीगढ़ में अपने संग्रह की कई बार प्रदर्शनियां लगाई जा चुकी हैं। इसके अलावा इनके पास रेलवे, स्वच्छ अभियान, लॉर्ड बुद्धा, डॉ. आंबेडकर, महात्मा गांधी व हरियाणा पर विशेष संग्रह भी है।
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