अंबाला। मानव तस्करी की सूचना पर वीरवार को छठी बार कर्मभूमि एक्सप्रेस में छापामारी की गई। ट्रेन न्यू जलपाईगुड़ी से चलकर जैसे ही अंबाला छावनी रेलवे स्टेशन पर पहुंची तो पांच विभागों के लगभग 30 कर्मचारियों ने छह अलग-अलग कोच को घेर लिया और ट्रेन में सफर कर रहे 15 नाबालिग बच्चों को रेस्क्यू किया।
इस दौरान आधार कार्ड देखने के बाद बालिग होने पर तीन को छोड़ दिया गया। पुलिस के अनुसार मानव तस्करी में शामिल मुख्य आरोपी बंगाल निवासी अलाउद्दीन को भी हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।
बचपन बचाओ आंदोलन के राज्य समन्वयक यादविंदर सिंह ने बताया कि वीरवार की सुबह सूचना मिली थी कि कर्मभूमि एक्सप्रेस के छह अलग-अलग कोच में नाबालिग बच्चों को मानव तस्करी के तहत पंजाब ले जाया जा रहा है। सूचना के बाद आरपीएफ, जीआरपी, क्राइम ब्रांच, जिला बाल संरक्षण सहित रेलवे चाइल्ड टीम के 30 कर्मचारियों की संयुक्त टीम को कार्रवाई की जिम्मेदारी दी गई।
ट्रेन लगभग एक घंटे की देरी से दोपहर 2.15 बजे जैसे ही प्लेटफार्म नंबर-6 पर पहुंची तो सूचना के आधार पर ट्रेन के अलग-अलग 6 कोच में जांच अभियान चलाया गया। इस दौरान कोच नंबर डी-6 से 5, डी-9 से 5, डी-11 से 3, डी-12 से 2, डी-14 से 2 और डी-15 से 1 बच्चे को रेस्क्यू कर ट्रेन से नीचे उतारा गया। पूछताछ और जांच में तीन लड़के बालिग मिले, जिन्हें छोड़ दिया गया।
नवांशहर जा रहे थे नाबालिग
कर्मभूमि एक्सप्रेस से रेस्क्यू किए गए 15 बच्चे पश्चिम बंगाल के हैं। प्राथमिक काउंसलिंग के दौरान बच्चों ने बताया कि उन्हें अलाउद्दीन नामक व्यक्ति नवांशहर से ले जा रहा था। यहां उन्हें एक आलू की फैक्टरी सहित पशु डेयरी में काम करना था। इसके लिए अलाउद्दीन ने उनके परिजनों से बातचीत की थी और कुछ काम दिलाने के लिए परिजनों से 2 हजार रुपये एडवांस के तौर पर भी लिए थे।
पहले भी मिले थे 20 बच्चे
मानव तस्करी की सूचना पर अगस्त और सितंबर माह में भी पांच बार कर्मभूमि एक्सप्रेस में छापामारी की गई थी और लगभग 20 से अधिक नाबालिग बच्चों को रेस्क्यू किया गया था। सभी बच्चों को काउंसलिंग के बाद उनके परिजनों के हवाले कर दिया था। वहीं जीआरपी ने 11 बच्चों के मामले में जीरो एफआईआर काटकर आगामी कार्रवाई के लिए बिहार जीआरपी को भेज दी थी।
डीडीआर दर्ज
कर्मभूमि एक्सप्रेस से रेस्क्यू किए गए 15 बच्चों के संबंध में डीडीआर दर्ज की गई है। एक अन्य व्यक्ति के संबंध में अभी जानकारी नहीं है। अगर सीडब्ल्यूसी की तरफ से कोई जानकारी दी जाएगी तो आगामी जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी।
- विलायती राम, प्रभारी, जीआरपी छावनी।