अंबाला। हरियाणा रोडवेज की रिटायर्ड ऑडिटर शशी बाला सचदेवा को डिजिटल अरेस्ट कर 1 करोड़ 5 लाख रुपये की धोखाधड़ी मामले के तार गुजरात से जुड़ गए हैं। इस मामले में पुलिस ने दसवें आरोपी गुजरात से विजय कुमार ठाकुर को दबोचा है। विजय कुमार की संलिप्तता आरोपियों को खाते उपलब्ध करवाने में आई थी। साइबर थाना पुलिस ने आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। अंबाला के इस डिजिटल अरेस्ट के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने भी संज्ञान लेते हुए डिजिटल अरेस्ट के बढ़ते मामलों में केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) से करवाने के निर्देश दिए गए थे। अब तक साइबर थाना पुलिस पकड़े गए आरोपियों से 16 लाख रुपये की नकदी बरामद कर चुकी है।
साइबर थाना इस मामले की गहनता से जांच कर रही है। अब तक पकड़े गए आरोपियों से पुलिस को अलग-अलग राज्यों जैसे जयपुर, तेलंगाना व बेंगलुरु का नाम उजागर हुआ था। जब गहनता से जांच की तो कंबोडिया के आईपी नंबर सामने आए थे। विदेश में बैठे-बैठे सरगना यह खेल रचा रहे हैं। इस पैसे को वह भारत के अलग-अलग राज्यों में लोगों के खातों में ट्रांसफर कर देते थे।
17 सितंबर को की थी वारदात
हरियाणा रोडवेज की रिटायर्ड ऑडिटर शशिबाला सचदेवा (71 वर्ष) व उनके पति से फर्जी सीबीआई अधिकारी बनकर साइबर ठगों ने करीब 1 करोड़ 5 लाख रुपये की ठगी कर ली थी। 17 सितंबर के इस मामले में साइबर थाना पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी थी। पीड़िता और उनके पति को 14 दिनों तक व्हाट्सएप काॅल और वीडियो के जरिए डिजिटल अरेस्ट में रखकर मानसिक प्रताड़ना दी गई थी। इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने हरियाणा सरकार को नोटिस देकर जवाब मांगा था।