ठेके के विरोध में मंदिर के महंत सहित अन्य धरने पर
अंबाला कैंट। प्राचीन हाथीखाना कैलाश शिव मंदिर के समीप खुले शराब ठेके को लेकर मंदिर के महंत व अन्य भक्तों ने नारेबाजी करते हुए विरोध जताया और ठेके के बाहर ही धरने पर बैठ गए। इस दौरान प्रदर्शन भी हुआ। शाम को प्रदर्शनकारियों ने शराब ठेका बंद करने का प्रयास किया। जब ठेके पर ताला जड़ना चाहा तो शराब ठेकेदार के कारिंदों से प्रदर्शनकारियों की बहस हो गई। खूब नोकझोक हुई। इसके बाद मौके पर पुलिस पहुंची। इसके बाद मामला शांत हुआ।
बीते काफी समय से मंदिर के महंत व भक्त ठेके को लेकर विरोध जता रहे हैं परंतु ठेका न हटने के कारण सोमवार को उन्होंने फिर से नारेबाजी कर प्रशासन को ठेके को हटाने की मांग की गई। महंत मनमोहन दास मोनी, बाबा सिमरनदास, बाबा देवी दास, शोभारानी, हरजीत कौर, सरला देवी, बबली, लक्की, निलम, कमल भारद्वाज, मोंटू, अमरीश बंसल, मोहित, विष्णु, संजय, विक्की चितकारा व अन्य ने बताया कि वह इससे पूर्व भी कई बार प्रदर्शन कर इसका विरोध कर चुके हैं और ठेका हटाने के लिए डीसी प्रभजोत सिंह को भी शिकायत कर चुके हैं, लेकिन कार्रवाई नहीं की जा रही है। विरोध के दौरान भक्तों की कारिंदों से बहस हुई जिसके बाद ठेके को बंद कर उस पर ताला लगाने की कोशिश की गई। मामले को बढ़ता देख पुलिस भी मौके पर पहुंची और मामले को शांत करवाया। इसके बाद महंत और भक्त ठेके के बाहर ही दरी बिछाकर बैठ धरने पर बैठ गए। उनका कहना था कि हाथीखाना मंदिर में प्रतिदिन सैकड़ों लोग माथा टेकने के लिए आते हैं, लेकिन यहां पर शराब ठेके के अलावा शाम होते ही कई रेहड़ियां अवैध तरीके से लगती है जहां शरारती तत्व सक्रिय रहते हैं। ठेका नहीं हटता तो आने वाले समय में भी इसका विरोध जताया जाएगा।