स्कूल सिलेबस से गुरु तेग बहादुर की जीवनी हटाई, सिखों में रोष
अंबाला सिटी। शिरोमणि अकाली दल शिक्षा सत्र 2017-18 में आठवीं कक्षा की पंजाबी विषय से गुरु तेग बहादुर की जीवनी हटाने पर रोष जताया है। इसी को लेकर शिअद की बैठक हुई, जिसमें वरिष्ठ पदाधिकारियों ने भाग लिया। प्रांतीय प्रवक्ता संत सिंह कंधारी ने कहा कि हरियाणा सरकार के शिक्षा विभाग द्वारा आठवीं कक्षा की पंजाबी पाठ्य पुस्तक में वर्ष 2016 तक श्रीगुरु तेग बहादुर जी की जीवनी को शामिल किया गया था, परंतु अब वर्ष 2017-18 की पंजाबी आठवीं की पुस्तक से इसे हटा दिया गया है। इससे सिख व पंजाबी समाज में रोष है। श्री गुरु तेग बहादुर जी ने हिंदू धर्म के लिए अपना बलिदान दिया तथा उनके बलिदान को पंजाब और हरियाणा सहित सारे देश में याद किया जाता है। हरियाणा सरकार द्वारा श्री गुरु तेग बहादुर जी की जीवनी को आठवीं की पाठ्य पुस्तक में से हटाना सिख समाज एवं गुरु साहिब का अपमान माना जा रहा है। इस मीटिंग में यह प्रस्ताव पारित किया गया कि इससे पहले भी मुख्यमंत्री मनोहर लाल के संज्ञान में यह मामला लाया है परंतु अभी तक इस पर कोई कार्रवाई नहीं की गई। इस प्रस्ताव द्वारा पुन: हरियाणा सरकार के शिक्षा विभाग व मुख्यमंत्री से अनुरोध किया गया है कि पंजाबी समुदाय की आस्था को ध्यान में रखते हुए आठवीं व दसवीं कक्षा की पंजाबी पाठ्य पुस्तकों में श्री गुरू तेग बहादुर जी की जीवनी को शामिल किया जाए। इस बैठक में विशेष तौर पर जिला प्रधान हरकेश सिंह मोहड़ी, जितेंद्र पाल सिंह लक्की, गुरजोत सिंह निडर, सुरजीत सिंह जेई, प्रधान जरनैल सिंह बडौला, अजीत सिंह सौंडा, अमरीक सिंह बरनाला, बलजिंद्र सिंह चुडियाला, मंजीत सिंह बब्बू, सुरेन्द्र सिंह गौरसियां, अंग्रेज सिंह खानपुर, टीपी सिंह, भूपेंद्र सिंह चड्ढा, सतिंद्र पाल सिंह बंटी, अनूप सिंह आदि मौजूद रहे।