अंबाला छावनी के पड़ाव थाने में तैनात एएसआई कर्ण सिंह की आत्महत्या के मामले में अब उन पर दबाव बनाने वाला दूसरे पक्ष की जांच असलियत सामने लाएगी।
पुलिस इस पूरे मामले की तह तक जाएगी। राज्य पुलिस के आला अधिकारियों ने इस बाबत अंबाला पुलिस कमिश्नर को निर्देश दे दिए हैं।
रेप का आरोप लगाने वाली महिला लगातार हरियाणा पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों को एसएमएस करती थी।
एएसआई कर्ण सिंह पर रेप का आरोप लगाने वाली महिला और उसकी पैरवी कर रहे नुमाइंदों के सभी पुराने रिकार्ड की पर्तें उधेड़ी जाएंगी।
हरियाणा पुलिस ने एएसआई द्वारा आत्महत्या किए जाने के इस मामले को गंभीरता से लिया है।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक दो बार जांच में निर्दोष पाए जाने के बावजूद दर्ज हुई एफआईआर से कर्ण सिंह परेशान था।
दो साल इस मामले में जांच भुगतने के बावजूद एएसआई पर दर्ज हुई एफआईआर ने उसका हौसला तोड़ दिया।
यह दोनों जांच एसीपी स्तर के अधिकारियों ने की थीं, जिसमें कर्ण सिंह को क्लीन चिट दी गई थी। प्राथमिक जांच में यह सामने आया है कि दोनों जांच में निर्दोष पाए जाने के बाद एएसआई पर दर्ज की एफआईआर के कारण उसका मनोबल टूट गया था।
हालांकि पुलिस में कई प्रावधान ऐसे हैं कि जिनके तहत जांच की जा सकती थी। 124/4 के तहत भी यह प्रावधान है कि पुलिस रपट लिखती है और जांच में यदि मामला झूठा पाया जाता है तो रपट रद कर दी जाती है।
कोट:
मेरे संज्ञान में पूरा मामला है, अंबाला पुलिस इस विषय में जांच कर रही है। मैं इस केस की लगातार रिपोर्ट ले रहा हूं।
एसएन वशिष्ठ, डीजीपी हरियाणा
कोट:
हम केस में अभी पूछताछ की जा रही है, जल्द ही सभी पहलू सामने आ जाएंगे।
राजबीर देसवाल पुलिस कमिश्नर अंबाला