मोरपत्ती निवासी महिला की दिल्ली के अस्पताल में डेंगू से मौत की खबर के बाद स्वास्थ्य विभाग की नींद टूटी है। शनिवार सुबह स्वास्थ्य विभाग की टीम डॉ. कपिल शर्मा के नेतृत्व में मृतका के घर पहुंची और परिवार के 13 लोगों के खून के नमूने लिए।
महिला पिछले दस दिनों से बुखार से पीड़ित थी। नरवाना के दो निजी अस्पतालों में इलाज कराया लेकिन कोई सुधार हुआ। उसके बाद उसे रोहतक पीजीआई ले जाया गया। वहां भी स्थिति में सुधार नहीं हुआ। पीजीआई के डॉक्टर भी बीमारी को पकड़ नहीं पाए। रोहतक के निजी अस्पताल में महिला को डेंगू बुखार बताया गया। डॉक्टर की सलाह पर महिला को दिल्ली के महाराजा अग्रसेन अस्पताल ले जाया गया।
वहां इलाज के दौरान शुक्रवार को उसकी मौत हो गई। महिला की मौत की खबर के बाद स्वास्थ्य विभाग हरकत में आया और स्वास्थ्य विभाग की टीम डॉ. कपिल शर्मा, हेल्थ निरीक्षक डॉ. सत्यवान और एमपीएचडब्ल्यू वीरेंद्र मृतका के घर पहुंचे। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने मृतका के पति और दोनों बच्चों के अलावा 13 लोगों के खून के सैंपल लिए।
सुरेंद्र के भाई राजबीर ने बताया कि उनके परिवार के वीरेंद्र को कई दिन से बुखार है उसका सैंपल लिया गया है। सामान्य अस्पताल के प्रवर चिकित्सा अधिकारी डॉ. राजकुमार सिंगला ने बताया कि सभी के खून का टेस्ट करके रिपोर्ट दी जाएगी। उन्होंने बताया कि अस्पताल में खून का टेस्ट करके डेंगू का पता लगाया जा सकता है।
उन्होंने लोगों को सलाह दी कि अगर किसी को बुखार और सिरदर्द तथा आंखों में दर्द की शिकायत है तो खून टेस्ट जरूर करवाएं। डेंगू के मच्छर मारने के लिए कुछ दिनों पहले शहर में फोगिंग करवाई गई थी। उस क्षेत्र में फोगिंग करवाने की व्यवस्था की जा रही है। किसी दवा के छिड़काव की जरूरत हुई तो वह भी करवाई जाएगी।