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बहादुरगढ़ हादसा: धार्मिक यात्रा से लौट रहे फिरोजाबाद के परिवार के लिए काल बने ट्रक, आठ लोगों की ले ली जान, दो बेटियां ही बच सकीं

Sat, 23 Oct 2021 10:19 AM IST
प्रमोद कुमार मनोज कौशिक, बादली (झज्जर)

सार

बहादुरगढ़ हादसे ने एक हंसते-खेलते परिवार की खुशियां छीन ली। धार्मिक यात्रा से लौट रहे यूपी के फिरोजाबाद के परिवार के लिए केएमपी एक्सप्रेस वे पर दोनों ट्रक काल साबित हुए। आठ लोगों की जान ले ली और एक बच्ची, उसकी मां अस्पताल में भर्ती हैं। पुलिस की ओर से मृतकों के शव पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंप दिए गए हैं।
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हादसे के बाद क्षतिग्रस्त ट्रक। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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धार्मिक यात्रा से लौट रहे उत्तरप्रदेश के परिवार के लिए केएमपी पर दोनों ट्रक काल साबित हुए। दोनों ट्रकों के बीच में कार दब गई थी। राजस्थान के गोगा मेड़ी मंदिर से दर्शन कर लौट रहे परिवार के आठ लोगों की मौत हो गई थी, जबकि दो बेटियां ही बच सकीं। कार में 10 लोग सवार थे। फिरोजाबाद जिले के सिरसागंज थाना क्षेत्र के गांव नंगला अनूप निवासी शिव कुमार (60) गत बुधवार को परिवार के सदस्यों के साथ राजस्थान के गोगा मेड़ी मंदिर में माथा टेकने के लिए निकले थे। इस सफर के लिए उन्होंने गांव के ही एक व्यक्ति की कार किराए पर ली थी। तीर्थयात्रा के लिए शिवकुमार ने अपनी शादीशुदा तीनों बेटियों को भी घर बुलाया था, लेकिन एक बेटी सोनी को घर पर ही छोड़ दिया।

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धार्मिक यात्रा के लिए बेटियों को बुलाया था घर
शिव कुमार अन्य 10 लोगों के साथ तीर्थयात्रा के लिए निकले। शुक्रवार सुबह कुंडली-मानेसर-पलवल एक्सप्रेस वे पर हुए हादसे में शिवकुमार (60), उनकी पत्नी 55 वर्षीय मुन्नी, इकलौता पुत्र मनोज (30), पुत्रवधू स्वीटी(25), बेटी खुशबू, पौत्री श्री, दोहती प्रियांशु की मौत हो गई। शिवकुमार के चचेरे भाई संजीव के अनुसार धार्मिक यात्रा के लिए शादीशुदा बेटियों सहित दोहतियों को भी घर पर बुलाया था, ताकि पूरा परिवार एक साथ यात्रा कर सके। लेकिन यह यात्रा उनके परिवार के लिए अंतिम साबित हुई।
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कार में फंसे शव निकालने में लगे तीन घंटे
घटना स्थल पर घायलों की चीख-पुकार सुनकर राहगीरों ने बचाने का प्रयास किया। गाड़ी के शीशे और खिड़कियां तोड़कर घायलों को बाहर निकाला गया, जबकि पुलिस ने क्रेन और जेसीबी की मदद से शव बाहर निकाले। कार में फंसे शव और घायलों को निकालने में ही तीन घंटे लग गए। घायलों में आरती और उनकी पुत्री मांशी को राहगीरों ने बड़ी मुश्किल से बाहर निकाला। बचाव कार्य में लगे अशोक ने बताया कि घटना स्थल पर बच्चों के खिलौने बिखरे पड़े थे, जिन्हें देखकर हर किसी के आंसू निकले। हादसे के बाद परिवार में अब महज दो बेटियां ही बची हैं, जिसमें से आरती तो अस्पताल में भर्ती है, जबकि उनकी चार वर्षीय घायल पुत्री आंशी के पांव में चोट गली है।
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मौके पर पहुंच गई थी पुलिस
केएमपी पर बड़े हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और बचाव कार्य शुरू किया। केएमपी स्टाफ की मदद भी ली गई। घायल आरती को निकाल तुरंत झज्जर अस्पताल भेजा गया, जहां से पीजीआई रेफर कर दिया गया। जबकि आंशी को बहादुरगढ़ अस्पताल भेजा गया। कार में फंसे यात्रियों को निकालने में तीन घंटे से अधिक का समय लगा।

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ट्रक चालकों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है और उनकी तलाश की जा रही है। नागरिक अस्पताल बहादुरगढ़ में पोस्टमार्टम करवाकर मृतकों के शव परिजनों को सौंप दिए गए हैं।
-अमित विजयवर्द्धन, एएसपी, बादली
 

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