हरियाणा के जिला सोनीपत के नरेला में जम्मू-दिल्ली रेलवे ट्रैक पर सोनीपत की तरफ से आ रही मालगाड़ी की चपेट में आने से मंगलवार सुबह 11 बजे एक आशा वर्कर की मौत हो गई।
हादसे के बाद इस रूट पर आने-जाने वाली ट्रेनें दोनों साइड थमी रहीं। इससे गुस्साए सैकड़ों लोगों ने साढे़ तीन घंटे तक ट्रैक जाम कर दिया। लोगों का कहना था कि अंडरब्रिज न होने के कारण रोजाना हादसे हो रहे हैं।
गुस्साई भीड़ ने घटनास्थल से शव भी नहीं उठाने दिया। मृतका स्वतंत्र नगर नरेला निवासी मधु (40) पीएचसी नरेला में कार्यरत थी। एसीपी नरेला घनश्याम बंसल ने लोगों को आश्वासन देकर रेलवे ट्रैक से हटाया। इसके बाद ट्रेनों का आवागमन सुचारू हो सका।
जानकारी के अनुसार मधु सुबह पीएचसी नरेला में अपनी ड्यूटी पर पहुंची। वहां से कुछ कागज लेने के लिए एक अन्य वर्कर के साथ लगभग ग्यारह बजे दोबारा अपने घर के लिए निकली।
वह रेलवे ट्रैक पार कर रही थी कि मालगाड़ी की चपेट में आ गई, जिसमें मौके पर ही उसकी मौत हो गई। आरपीएफ ने शव का पंचनामा भरकर पुलिस को सौंप दिया।
हादसे के बाद घटनास्थल पर सैकड़ों लोग इकट्ठे हो गए। इकट्ठे लोगों ने प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते रेलवे ट्रैक जाम कर दिया।
इसके बाद भीड़ को काबू करने के लिए आरपीएफ और दिल्ली पुलिस के जवान मौके पर पहुंचे। नरेला थाना प्रभारी ने जाम खुलवाने का प्रयास किया, लेकिन लोगों ने एक नहीं सुनी और मौके पर डटे रहे।
लोगों ने आरोप लगाया कि लामपुर फाटक पर बनाए गए रेलवे अंडरब्रिज के दोनों तरफ पैदल ट्रैक पार करने के लिए सीढ़ियाें का प्रावधान था, लेकिन सीढ़ियां न बनाए जाने के कारण यहां आए दिन हादसे होते रहते हैं।
उन्होंने सीढ़ियां बनाए जाने की मांग पर ही साढ़े तीन घंटे तक ट्रैक जाम रखा। नरेला एसीपी घनश्याम बंसल ने लोगोेें की समस्या का समाधान कराने का आश्वासन देकर जाम खुलवाया। इसके बाद ट्रैक पर आवागमन सुचारू हो सका।