अब तक तो आपने इंसानों के आधार कार्ड बनने की ही बात सुनी होगी, लेकिन दिलचस्प बात यह है कि हरियाणा में अब जल्द ही गाय-भैंस, भेड़, बकरी और सुअरों के भी आधार कार्ड बनेंगे।
इन आधार कार्ड के लिए जानवरों के फोटो खिचेंगे, उनकी नस्ल, रंग, कद-काठी और उम्र के पूरे ब्यौरे का डाटाबेस तैयार किया जाएगा।
अभी प्रदेश में कुछ ब्लॉक में यह योजना एक प्रयोग के तौर पर शुरू हो रही है। इसमें जिले से झज्जर व बेरी ब्लॉक को शामिल किया गया है।
आधार कार्ड बनाने के लिए पशुपालन विभाग के स्टाफ को ट्रेनिंग दी जाएगी, जो अगले महीने से शुरू होगी। साढ़े तीन लाख पशुओं का रिकॉर्ड ऑनलाइन किया जाएगा।
इसमें खास तौर पर मुर्रा नस्ल की भैंसें, गाय, भेड़, बकरी और सुअर शामिल हैं।
योजना का उद्देश्य पशुओं की पहचान, उनकी सुरक्षा और उन्हें स्वास्थ्य योजनाओं का लाभ दिलवाना है। योजना के जरिए प्रदेश में खत्म हो रही पशुओं की प्रजातियों, अनुवांशिक प्रभावों, उनके बदलते खानपान और बीमारियों की जानकारी भी ली जा सकेगी।
अगले माह शुरू होगी योजना
अगले महीने से योजना पर काम शुरू हो जाएगा। सभी संबंधित अफसरों को इस बारे में अवगत किया गया है। आधार कार्ड बनने से पशु ही नहीं पशुपालकों को भी फायदा पहुंचेगा। -डॉ. केएस दांगी, डायरेक्टर जनरल, पशुपालन विभाग चंडीगढ़