संत निरंकारी मिशन के 75वें वार्षिक निरंकारी संत समागम का वीरवार को भव्य शुभारंभ किया गया। निरंकारी संत समागम का विधिवत शुभारंभ करते हुए सदगुरु माता सुदीक्षा ने मानवता के नाम संदेश देते हुए कहा कि रूहानियत और इंसानियत से ही हम पूर्ण इंसान बन सकते हैं। समागम के दूसरे दिन सात लाख से अधिक निरंकारी मिशन के अनुयायी शामिल हुए। समागम स्थल पर साध संगत की ओर से भक्तजनों ने माता सुदीक्षा व राजपिता रमित को गुलदस्ते भेंट कर स्वागत किया।
सद्गुरु माता सुदीक्षा महाराज का दोपहर 2:30 बजे समागम स्थल पर आगमन हुआ। सद्गुरु माता ने फूलों से सजी पालकी में सवार होकर लोगों का अभिवादन स्वीकार किया। भव्य शोभा यात्रा में हजारों की संख्या में साध संगत ने सद्गुरु माता सुदीक्षा महाराज की अगुवाई की।
सबसे आगे सेवादल का बैंड था, उसके पीछे समागम के सभी प्रबंधक व देश-विदेश से पहुंचे प्रचारक महात्मा चल रहे थे। इस दौरान कलाकारों ने विशेष सांस्कृतिक नृत्य की प्रस्तुतियां भी दीं। समस्त वातावरण धन निरंकार के जयघोष से गूंज रहा था। सद्गुरु माता सुदीक्षा महाराज भक्तों को आशीर्वाद दे रही थीं।
मुख्य मंच पर पहुंचते ही सद्गुरु माता सुदीक्षा महाराज ने समागम का विधिवत उद्घाटन कर मानवता के नाम संदेश दिया। उन्होंने कहा आज हम 75वें वार्षिक संत समागम के लिए दूर-दूर से एकत्रित हुए हैं। ताकि मिशन के सत्य, प्रेम व एकत्व पर आधारित संदेश को एक बार फिर से संसार तक पहुंचा सकें।
उन्होंने कहा कि जैसे ही हम निरंकार प्रभु-परमात्मा को जान लेते हैं, इसके साथ अपना नाता जोड़ लेते हैं तो सभी के घट में इसका नूर देखते हैं। यही हमारी पहचान बन जाती है और सारा संसार हमें विश्व-बंधुत्व के भाव से ओत-प्रोत प्रतीत होता है। ब्रह्मज्ञान का अहसास होते ही हमारे जीवन में निखार आ जाता है और हम संसार में सद्वयवहार करने वाले बन जाते हैं।
सद्गुरु माता सुदीक्षा ने कहा कि कोविड महामारी के अलावा युद्ध की स्थिति से भी मानव के दिलों में नफरत की भावनाएं बढ़ी हैं, जिस कारण इंसानों के बीच दीवारें बनी हैं। इन दीवारों को केवल प्यार के पुल बनाकर ही गिराया जा सकता है, तभी एकत्व से अपनत्व का भाव बनेगा और हर इंसान सुख चैन से जीवन जी सकेगा।
चप्पे-चप्पे पर तैनात रहे पुलिसकर्मी
छह सौ एकड़ में फैले समागम स्थल पर पांच दिन तक समागम चलेगा। इस दौरान हजारों की संख्या में विदेशी श्रद्धालु समागम में पहुंचेंगे। व्यवस्था बनाए रखने और सुरक्षा की दृष्टि से समागम स्थल पर हजारों निरंकारी सेवादारों के अतिरिक्त पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं। जीटी रोड पर यातायात व्यवस्था से लेकर पूरे समागम स्थल के चप्पे-चप्पे पर पुलिसकर्मी तैनात रहे। स्टेशन पर जीआरपी व आरपीएफ की चौकी भी शुरू हो गई है। प्रवेश द्वार, प्लेटफार्म, ऊपरगामी पुल और परिसर में पुलिस कर्मचारी ड्यूटी दे रहे हैं। संदिग्धों पर पुलिस की पैनी नजर है। एंबुलेंस व दमकल विभाग की गाड़ियां भी परिसर में खड़ी गई हैं।
भोड़वाल माजरी स्टेशन पर उमड़ रही भीड़
भोड़वाल माजरी रेलवे स्टेशन पर श्रद्धालुओं की भीड़ लगातार बढ़ रही है। स्टेशन पर कुछ दिन पहले से ही श्रद्धालुओं का आना शुरू हो गया था। अब समागम शुरू होने के दूसरे दिन स्टेशन पर पहुंच रहे श्रद्धालुओं की संख्या पहले से भी अधिक हो गई है। पुलिस कर्मियों के साथ सेवादल के सदस्य व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करते नजर आए। निरंकारी मंडल की तरफ से स्टेशन पर पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को लगातार बसों व अन्य वाहनों में बैठाकर समागम स्थल तक पहुंचाया जा रहा है।
सद्गुरु माता की झलक पाने को डटे रहे श्रद्धालु
सद्गुरु माता सुदीक्षा महाराज का वीरवार को दोपहर करीब एक बजे समागम स्थल पर आगमन होना था। श्रद्घालु समय से पहले ही कतारबद्ध होकर सद्गुरु माता की झलक पाने के लिए खड़े हो गए। हवा चलने के कारण मिट्टी उड़ती रही, लेकिन श्रद्धालु टस से मस नहीं हुए। इस दौरान पानी के टैंकरों से धूल को कम करने के लिए छिड़काव किया जाता रहा। दोपहर करीब 2:30 बजे माता सुदीक्षा महाराज समागम में पहुंची। श्रद्धालुओं ने हाथ जोड़कर उनका अभिवादन किया और उनका आशीर्वाद प्राप्त किया।