उत्तराखंड की प्राकृतिक आपदा में हरियाणा के 522 लोग लापता हैं। मंगलवार तक हरियाणा के 439 लोगों को निकालकर सुरक्षित घर पहुंचाया जा चुका है।
प्रदेश के 442 लोग अब भी उत्तराखंड के अलग-अलग स्थानों पर फंसे हुए हैं मगर सुरक्षित हैं।
मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने बताया कि डिप्टी एडवोकेट जनरल रणवीर आर्य का पता लग गया है और वे सुरक्षित हैं। मगर पूर्व मंत्री तेजेंद्र पाल मान की पत्नी और रिश्तेदारों का अभी पता नहीं लगा है।
उन्होंने बताया कि सूचना मिली है कि मान की पत्नी की शक्ल जैसी एक महिला को एक पायलट ने हेलीकॉप्टर की मदद से निकाला था और कहीं पर उनका इलाज हो रहा है। मगर यह पुख्ता सूचना नहीं है। मान के रिश्तेदारों का सुराग नहीं लगा है।
उधर, हरियाणा के वित्तायुक्त राजस्व कृष्ण मोहन ने अमर उजाला को बताया कि देहरादून, ऋषिकेश और हरिद्वार में स्थापित किए गए कंट्रोल रूमों और वहां पर तैनात हरियाणा के अफसर आपदा से बाहर निकाले लोगों से संपर्क कर जरूरी चीजें उपलब्ध कराई जा रही हैं।
चंडीगढ़ कंट्रोल रूम में 1403 लोगों के बारे में सूचना आई है। इनमें से 522 लोगों का पता नहीं चला है जबकि मंगलवार शाम तक 439 हरियाणावासियों को सुरक्षित उनके घर भिजवाया जा चुका है।
उन्होंने बताया कि उत्तराखंड गए लोगों से व्यक्तिगत संपर्क साधा है तो 442 लोगों ने बताया है कि वे उत्तराखंड में सुरक्षित हैं। इनमें से रुद्रप्रयाग में 9, बद्रीनाथ में 299, केदारनाथ में 61, ऋषिकेश में 19, जोशीमठ में 4, हेमकुंड में 7 और हनुमान चौकी में 14 सुरक्षित हैं।