कुरुक्षेत्र में पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के आदेशों की पालना करते हुए प्रशासन ने शनिवार शाम को जिला कोर्ट परिसर से वकीलों के 42 चैंबर ढहा दिए। यह कार्रवाई करीब दो घंटे तक चली।
जिला प्रशासन की ओर से डीआरओ अशोक मलिक एवं ड्यूटी मैजिस्ट्रेट तहसीलदार सूरजमल दल बल के साथ मौके पर पहुंचे और लिस्ट के आधार पर कोर्ट परिसर में बनाए गए चैंबरों को तोड़ने की कार्रवाई को अंजाम दिया। वहीं जिला बार एसोसिएशन के अध्यक्ष अमन चीमा और सदस्यों ने इस कार्रवाई पर रोष प्रकट किया।
वकीलों के अनुसार अभी भी अनेक वकीलों को नए चैंबर उपलब्ध नहीं हुए हैं और आज यह कार्रवाई करके प्रशासन ने उनके कार्य को प्रभावित किया है। अधिवक्ता एवं भाजपा जिला अध्यक्ष धुम्मन सिंह ने कहा कि जिला प्रशासन की ओर से की गई इस कार्रवाई से वकीलों में काफी रोष है, परंतु वकील कोर्ट के आदेश का आदर करते हैं। उन्होेंने कहा कि जिला प्रशासन को भी वकीलों की मजबूरी को समझनी चाहिए। जिला प्रशासन को चाहिए था कि पहले वकीलों को नए चैंबर उपलब्ध कराते और उसके बाद यह कार्रवाई अंजाम देनी चाहिए थी।
धुम्मन सिंह के अनुसार इस कार्रवाई के दौरान जो चैंबर तोड़े गए उनके साथ लगते कई चैंबरों में भी दरारें आई हैं। इसके कारण उन्हें भी काफी परेशानी का सामना करना पड़ेगा।
वहीं, बार एसोसिएशन के अध्यक्ष अमन चीमा ने बताया कि डीसी से उनकी बातचीत हो चुकी थी परंतु डीआरओ अशोेक मलिक ने पर्सनल खुंदक निकालते हुए इस कार्रवाई को अंजाम दिया है। चीमा के अनुसार वकीलों में काफी रोष है और अशोक मलिक उन्हें बदनाम करने की नीयत से इस कार्रवाई को अंजाम देेकर गया है।
चट्ठा का नजदीकी है मलिक
बार एसोसिएशन के अध्यक्ष अमन चीमा ने बताया कि डीआरओ अशोक मलिक डीसी तथा अन्य अधिकारियों को गुमराह करते हुए गलत जानकारी देते हैं। मलिक राजनैतिक रंजिश को निकालते हुए इस कार्रवाई को अंजाम दे रहे हैं। उन्होंने बताया कि डीआरओ मलिक हरियाणा के वित्तमंत्री हरमोहिंद्र सिंह चट्ठा के नजदीकी हैं। उन्होंने कहा कि डीआरओ ने जो कदम उठाया वह गलत है। उन्होंने डीआरओ पर अभद्रता का आरोप लगाया।
नए चैंबर बनने को है तैयार
अमन चीमा ने बताया कि हाई कोर्ट की बिल्डिंग कमेटी के आदेश पर यह कार्रवाई हुई है। कुछ समय पहले बिल्डिंग कमेटी कुरुक्षेत्र निरीक्षण के लिए आई थी और कुछ चैंबरों को सरकारी भूमि पर बताते हुए अवैध बताया था। इसके बाद उन्होंने जिला प्रशासन से चैंबर बनाने के लिए भूमि अलॉट करवा ली थी और अब जब चैंबर बनकर तैयार होने को है डीआरओ ने गलत रिपोर्ट पेश करके उन्हें परेशान करने का कार्य किया है।
मैं चट्ठा जी का नहीं, बल्कि वे हैं रिश्तेदार
जिला राजस्व अधिकारी अशोक मलिक ने कहा कि ये हाईकोर्ट के फैसले और प्रशासन के आदेशानुसार कार्रवाई हुई है। मलिक ने कहा कि जब वकीलों को चैंबर अलाट किए जा चुके हैं, तो वे अपने नए चैंबरों में क्यों नहीं जाते। उन्होंने कहा कोर्ट परिसर में हालत इतने खराब हो चुके हैं कि सेशन जज के चैंबर के रास्ते तक तक वकीलों के बस्ते पहुंच चुके हैं। उन्होंने कहा कि इस मामले में उनका निजी कोई मामला नहीं है, खुद डीसी भी इस मामले की एक-एक मिनट की जानकारी ले रहे थे। उन्होंने कहा कि मैं किसी पार्टी का नहीं, बल्कि सरकारी अधिकारी हूं। जो लोग मुझे वित्तमंत्री का आदमी बता रहे हैं वह खुद चट्ठा की सगी भांजी के पुत्र हैं।