हरियाणा के एकमात्र नारी निकेतन करनाल में तीन कमरों के भीतर 75 लड़कियों को ठूंसकर रखा जा रहा है। यहां पर पांच कमरों में केवल 25 महिलाओं यानी एक कमरे में केवल पांच महिलाओं को रखने की क्षमता है।
पहले से मानसिक तौर पर तनाव में रह रहीं इन महिलाओं को तंगहाल स्थिति में रहना पड़ रहा है।
करनाल की जिला उपायुक्त रेणू एस. फूलिया ने अमर उजाला को बताया कि दो बड़े कमरों का नवीनीकरण चल रहा है, इसलिए सभी 75 लड़कियां तीन कमरों में रह रही थीं।
यहां रहने वाली लड़कियों ने पहले भी नारी निकेतन में रहने की खराब व्यवस्था को लेकर शिकायतें की हैं। मंगलवार को यहां दो नाबालिग लड़कियों ने आत्महत्या भी कर ली थी।
नाबालिग लड़कियों ने की खुदकुशी
नारी निकेतन में नारनौल और कैथल से अलग-अलग आई दो नाबालिग लड़कियों ने मंगलवार को खुदकुशी कर ली थी। महिला बाल विकास मंत्री गीता भुक्कल ने इस सारे मामले की रिपोर्ट तलब की है।
जिला पुलिस अधीक्षक शशांक आनंद ने बताया कि मंगलवार दिन में दोनों लड़कियों की काउंसिलिंग भी कराई थी। डीसी के मुताबिक शाम पौने छह बजे दोनों ने खुदकुशी भी कर ली।
डीसी और एसपी के मुताबिक दोनों लड़कियों को उनके परिजनों ने बेदखल कर दिया था, इसलिए भी वे मानसिक तौर पर काफी परेशान थीं।
उपायुक्त के मुताबिक 22 जून को आईं दोनों लड़कियां 23 जून को छत से कूदकर भाग गई थीं। अगले दिन पकड़ी गईं तो अदालत ने फिर उन्हें नारी निकेतन भेज दिया।
निकेतन में पहले भी हुई हैं घटनाएं
पिछले साल 'अपना घर' से कुछ लड़कियां नारी निकेतन लाई गई थीं। उसके अगले दिन 22 जुलाई को तीन लड़कियां भाग गईं। हालांकि बाद में वे पकड़ी गईं।
जनवरी, 2011 के आखिरी दिन में एक मूक -बधिर नाबालिग लड़की के साथ दुराचार की घटना सामने आई थी।
जुलाई 2007 में नारी निकेतन की लड़कियों ने हंगामा किया था कि वहां रहने की व्यवस्था ठीक नहीं है। तब पुरुष पुलिस अंदर घुस गई थी तो विवाद खड़ा हो गया था।