गुजरात विधानसभा चुनाव से पहले मुख्यमंत्री विजय रूपाणी ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया। शनिवार दोपहर तीन बजे वो राज्यपाल आचार्य देवव्रत से मिलने पहुंचे और अपना त्यागपत्र उन्हें सौंप दिया। इसके बाद गुजरात में राजनीतिक हलचल तेज हो गई हैं। सीएम पद से त्यागपत्र देने से पहले रूपाणी पीएम मोदी के साथ एक कार्यक्रम में शामिल हुए थे। पीएम ने शनिवार सुबह 11 बजे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए अहमदाबाद में सरदारधाम भवन का उद्घाटन किया था। करीब एक घंटे चले इस कार्यक्रम में विजय रूपाणी भी शामिल हुए थे, लेकिन दोपहर बाद करीब 3 बजे रूपाणी ने अचानक इस्तीफे का एलान कर सबको चौंका दिया।
इन कारणों से हुआ इस्तीफा
जानकारों के अनुसार, विजय रूपाणी के इस्तीफे की सबसे बड़ी वजह कोविड महामारी है। कोरोना की दोनों लहर के दौरान सीएम और उनका मैनेजमेंट इससे निपटने में पूरी तरह से नाकाम रहा। कई बार ये भी देखने में आया कि केंद्र सरकार और प्रदेश पार्टी के दबाव के बाद उन्हें कोविड को लेकर लिए गए अपने ही फैसले वापस भी लेना पड़ा। कोविड काल के दौरान हुई लोगों की मौतें और सरकार के कुप्रबंधन के कारण प्रदेश की जनता में भाजपा सरकार के खिलाफ गुस्सा बढ़ रहा था। ऐसे में पार्टी ने राज्य में नेतृत्व परिवर्तन कर लोगों के गुस्से को शांत करने की कोशिश की है।