उप निदेशक डॉ. योगेश प्रताप सिंह ने बताया कि आंवला, मौलसी, पीपल, बरगद, पारिजात, रुद्राक्ष, रक्तचंदन और नीम सहित 11 पौधों पर उनके नाम, प्रजाति और वैज्ञानिक नाम अंकित किए गए हैं।
उन्होंने बताया कि कई पौधों पर क्यूआर कोड भी लगाए गए हैं, जिन्हें स्कैन कर उनके बारे में विस्तृत जानकारी प्राप्त की जा सकती है। इस व्यवस्था से पर्यटकों, विद्यार्थियों और शोधकर्ताओं को पौधों के अध्ययन में आसानी होगी। उप निदेशक ने कहा कि यह पहल पौधों की देखभाल सुनिश्चित करने के साथ-साथ पर्यावरण शिक्षा और जागरूकता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।