भाई 26 वर्षीय अरुण को भी कई दिनों से बुखार था। दोनों भाई सुबह करीब नौ बजे एम्स की ओपीडी पहुंचे थे। अरुण मेडिसिन विभाग के सामने अपनी बारी का इंतजार कर रहे थे। एम्स के मीडिया प्रभारी पंकज श्रीवास्तव ने बताया कि मरीज के ट्रॉमा सेंटर में पहुंचने से पहले ही मौत हो गई थी। आशंका है कि हार्ट अटैक से मौत हुई होगी।
इसे भी पढ़ें: युवती ने लगाई गुहार: बोली- साहब! मेरी मां ने मुझे हरियाणा में चार लाख में बेच दिया है, बचा लीजिए
रहें सावधान
हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ कुनाल का कहना है कि अचानक हो रहीं मौतों के पीछे हाईपरट्रॉफिक कार्डियोमायोपैथी बीमारी हो सकती है। समय-समय पर इकोकार्डियोग्राफी या हृदय की मैग्नेटिक रेजोनैंस इमेजिंग (एमआरआई) कराएं। डॉक्टर आमतौर से व्यक्ति के लक्षणों, शारीरिक परीक्षा, इलेक्ट्रोकार्डियोग्राफी (ईसीजी) और सीने के एक्स-रे के परिणामों के आधार पर हाइपरट्रॉफिक कार्डियोमायोपैथी के निदान का प्रयास करते हैं।
तबीयत बिगड़ने से बीएसएफ के एसआई की मौत
गुलरिहा थाना क्षेत्र के भटहट कस्बे में बुधवार की सुबह बीएसएफ के एसआई जितेंद्र कुमार की मौत हो गई। अचानक उनकी तबीयत खराब हुई और परिजन लेकर सीएचसी पहुंचे, जहां उन्हें मृत घोषित कर दिया गया।
जानकारी के मुताबिक, भटहट निवासी जितेंद्र कुमार बीएसएफ में एसआई के पद पर जम्मू में तैनात थे। 20 नवंबर को अवकाश पर घर आए थे। बुधवार को ही उन्हें ड्यूटी पर जाना था। सुबह लगभग सात बजे उनकी तबीयत खराब हो गई थी। उनके छोटे पुत्र दीपक रंजन आईपीएस हैं जो बिहार के जहानाबाद में पुलिस कप्तान के पद पर तैनात हैं।