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Gorakhpur News: प्लास्टिक में लपेटकर तालाब में फेंके गए नवजात का मिला शव, मचा हड़कंप

Mon, 15 May 2023 10:51 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।

सार

प्रभारी निरीक्षक संजय कुमार सिंह ने बताया कि जांच कराई जाएगी कि किसने और क्यों शव को फेंका है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से ही मौत के कारणों का पता चलेगा। उसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
 
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सांकेतिक तस्वीर। - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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गोरखपुर जिले में गुलरिहा थाना क्षेत्र के जैनपुर गांव के टोला प्यारेपुर में रविवार की रात करीब नौ बजे तालाब में नवजात का शव मिला। नवजात को एक प्लास्टिक में लपेटकर फेंका गया था। उसी रास्ते जाते समय गांव के लोगों की नजर प्लास्टिक पर पड़ी। उनकी सूचना पर मौके पर पहुंची पुलिस ने मौत की वजह जानने के लिए शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। वहीं, घटना को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं हैं।

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जानकारी के मुताबिक, जैनपुर गांव के टोला प्यारेपुर में एक तालाब है। जिसमें मछली पालन होता है। रविवार की रात रखवाली के लिए पहुंचे युवक ने पोखरे में तैरता देखा। जहर होने के संदेह में उसने प्लास्टिक को बाहर निकाला तो उसमें नवजात का शव मिला। यह देखकर उसने शोर मचाया तो आसपास के ग्रामीण भी एकत्र हो गए।

घटना की सूचना पुलिस को दी गई। सूचना के बाद पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस ने आसपास के लोगों से शव के बारे में जानकारी जुटाना चाहा, लेकिन आसपास के लोग शव के बारे में कुछ नहीं बता पा सके।
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प्रभारी निरीक्षक संजय कुमार सिंह ने बताया कि जांच कराई जाएगी कि किसने और क्यों शव को फेंका है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से ही मौत के कारणों का पता चलेगा। उसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

 

इन धाराओं में केस दर्ज कर होनी चाहिए कार्रवाई

धारा 315 आईपीसी : शिशु को जीवित पैदा होने से रोकने या जन्म के पश्चात मृत्यु कारित करने के आशय से किया गया कार्य।
सजा : दस वर्ष तक कारावास और आर्थिक दंड
धारा 317 आईपीसी : माता-पिता या नवजात की देखरेख करने वाले व्यक्ति द्वारा 12 वर्ष से कम आयु के बच्चे का परित्याग करना अपराध है।
सजा : सात साल की कैद या फिर जुर्माना या फिर दोनों
धारा 318 आईपीसी : नवजात को गोपनीय तरीके से जीवित अथवा मृत फेंकना अपराध है।
सजा : दो साल की कैद या जुर्माना या फिर दोनों।

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पीपीगंज में मौत के घाट उतारा गया था नवजात

कथित लोकलाज से बचने के लिए नवजात को मौत के घाट उतारने का कुकृत्य हमारे समाज में आदिकाल से होता चला आ रहा है। ऐसे ही एक नवजात पीपीगंज इलाके में मिला था। मामले में 31 जनवरी 2020 को दर्ज इस मामले की तफ्तीश कैंपियरगंज थाना पुलिस ने की थी। इस मामले में एक प्रभावशाली परिवार के युवक ने एक नाबालिग को हवस का शिकार बनाया था। उससे एक बच्चे का जन्म हुआ।

बिन ब्याही किशोरी मां और उसकी मां ने नवजात को मारकर फेंक दिया था। अमर उजाला की पड़ताल पर सक्रिय हुई पुलिस ने दुष्कर्म के आरोपी, नवजात को मौत के घाट उतारने वाली किशोरी मां और किशोरी की मां को हत्या के आरोप में 24 फरवरी 2020 को गिरफ्तार किया था।

बड़हलगंज में भी हुई थी नवजात की हत्या
5 जनवरी 2022 को बड़हलगंज पुलिस ने नवजात का शव मिलने पर केस दर्ज किया था। जांच में पता चला कि एक युवती बिन ब्याही मां बनी थी। पुलिस ने इस मामले में पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर हत्या और दुष्कर्म की धारा को बढ़ा दिया था। बाद में पता चला कि बिन ब्याही मां की मां ने ही पटककर नवजात को मारा था। पुलिस ने प्रेमी को दुष्कर्म और मां-बेटी को हत्या के आरोप में जेल भेजा था।

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