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विश्व मलेरिया दिवस: गर्भवती और भ्रूण के लिए जानलेवा है मलेरिया, हर अस्पताल में होती है निशुल्क जांच

Mon, 25 Apr 2022 01:24 PM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।

सार

सीएमओ ने बताया कि लक्षण दिखने पर कोरोना के साथ मलेरिया की भी जांच करानी चाहिए। मलेरिया ग्रस्त कोरोना के मरीज को स्टेरायड देना जानलेवा हो सकता है, इसलिए दोनों जांच आवश्यक है।
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मच्छर - फोटो : सोशल मीडिया।
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विस्तार
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चार से आठ घंटे के चक्र में तेज बुखार, सिरदर्द, ठंड लगना, खांसी आना, मांसपेशियों में दर्द होना, छाती व पेट में दर्द, शरीर में ऐंठन होना, मल के साथ रक्त आना, पसीना आना और उल्टी जैसे लक्षण दिखें तो तुरंत चिकित्सक को दिखाए और उनकी सलाह पर मलेरिया की जांच कराएं।

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गर्भावस्था में मलेरिया का होना गर्भवती के साथ-साथ भ्रूण के लिए जानलेवा साबित हो सकता है। इसलिए गर्भवतियों को इस मौसम में ज्यादा सतर्क रहने की जरूरत है। सीमएओ डॉ. आशुतोष कुमार दुबे ने बताया कि जिला अस्पताल, जिला महिला अस्पताल, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी), प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) और हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर्स (एचडब्ल्यूसी) पर मलेरिया की जांच निशुल्क है। बताया कि मलेरिया का कारण मादा मच्छर एनोफीलिज है। इसके काटने पर स्वस्थ मनुष्य 10 से 14 दिन बाद बीमार हो जाता है।

मलेरिया पीड़ित दूसरे को भी कर सकता है संक्रमित

सीएमओ ने बताया कि मलेरिया का मच्छर गंदे पानी में पनपता है। मलेरिया पीड़ित दूसरे को भी संक्रमित कर सकता है। मच्छर के काटने के बाद इसका परजीवी लीवर के जरिए लाल रक्त कोशिकाओं तक पहुंचता है और संक्रमण पूरे शरीर में फैलने लगता है। यह रक्त कोशिकाओं को तोड़ता है। संक्रमित रक्त कोशिकाएं हर 48 से 72 घंटे में फटती रहती हैं। इसके बुखार, ठंड लगना और पसीना आना जैसे लक्षण सामने आते हैं।

 

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कोरोना के साथ मलेरिया जांच जरूर कराएं

सीएमओ ने बताया कि लक्षण दिखने पर कोरोना के साथ मलेरिया की भी जांच करानी चाहिए। मलेरिया ग्रस्त कोरोना के मरीज को स्टेरायड देना जानलेवा हो सकता है, इसलिए दोनों जांच आवश्यक है।

2021 में मिले थे मलेरिया के 11 मरीज

जिला मलेरिया अधिकारी अंगद सिंह ने बताया कि पिछले पांच वर्षों में जिले में मलेरिया के मामले तो मिले हैं, लेकिन समय से इलाज मिलने के कारण मौत नहीं हुई है। वर्ष 2017 में 70,688 जांच के सापेक्ष 25, वर्ष 2018 में 71,556 जांच के सापेक्ष पांच, वर्ष 2019 में 72,833 जांच के सापेक्ष 11, वर्ष 2020 में 26,058 जांच के सापेक्ष एक, वर्ष 2021 में 48,126 जांच के सापेक्ष 11 और वर्ष 2022 में 16,063 जांच के सापेक्ष मलेरिया का एक मरीज मिला हैं।
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