केस- एक
पिपराईच कस्बे के अमित त्रिपाठी (35) वर्ष 2013 में प्रयागराज में रह कर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे थे, तो उनकी दोनों किडनी में स्टोन (पथरी) की समस्या आ गई। असहनीय दर्द हुआ तो होम्योपैथिक चिकित्सा की शरण ली। इलाज में समय तो लगा, लेकिन काफी कम पैसे में बिना सर्जरी के उनकी पथरी समाप्त हो गई।
केस- दो
खोराबार के रहने वाली शिवांगी को न्यूरो की समस्याद 2019 में आई। इसकी वजह से उन्हें चलने फिरने में दिक्कत होने लगी। दर्द से हालत खराब थी, इस बीच होम्योपैथी दवाओं का इस्तेमाल किया और दो साल के अंदर वह चलने फिरने लगी। इतना ही नहीं दर्द से उन्हें राहत भी मिल गई।